Monday, August 8, 2022

ललितपुर में मृतक किसानों के परिजनों से मिलकर प्रियंका गांधी नें बांटे उनके दुख दर्द, चारबाग रेलेव स्टेशन पर कुलियों का भी पूछा हाल

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कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी आज सुबह ललितपुर पहुंचकर खाद की लाइन में लगकर जान गंवाने वाले और खाद की किल्लत से आज़िज़ आकर आत्महत्या करने वाले दोनों किसानों के परिजनों से मुलाकात कर उनके दुख दर्द को साझा किया और उन्हें ढांढस बंधाया। प्रियंका गांधी के के साथ उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू व अन्य कांग्रेस नेता भी थे। इस दौरान प्रियंका गांधी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कहीं फसल का दाम नहीं मिल रहा, कहीं खाद नहीं मिल रही, किसान त्रस्त हैं। भाजपा सरकार की नीतियां किसान को मौत के मुँह में धकेल रही हैं।

बता दें कि उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी प्रियंका गांधी ट्रेन से ललितपुर पहुंची। ललितपुर रेलवे स्टेशन पर उतरीं। जहां पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप आदित्य जैन सहित कई कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। जिसके बाद उनका काफिला पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस पहुंचा, जहां पर कुछ देर रुकने के बाद कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी 8:00 बजे गेस्ट हाउस से पाली तहसील निवासी मृतक किसान के परिजनों से मिलने के लिए रवाना हो गईं। वहां से होकर वह नया गांव के लिये निकलीं।

इससे पहले कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने बृहस्पतिवार रात ललितपुर जाते समय लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पर रुककर वहां काम करने वाले कुलियों की रोजी रोटी का हाल पूछा। उनके बाल बच्चों का कुशल क्षेम जाना। कुलियों ने उन्हें अपनी आजीविका से जुड़ीं समस्याएं बताईं। उन्होंने बताया कि किस प्रकार से कोरोना महामारी के दौरान सरकारी उपेक्षा के चलते कुलियों के ऊपर वार हुआ। जिस पर प्रियंका गांधी ने हर संभव मदद का आश्वासन दिया।

गौरतलब है कि ललितपुर समेत पूरे बुन्देलखंड में खाद की भयंकर किल्लत है, खाद के लिए मची मारामारी के बीच ललितपुर में दो किसानों की मौत हो गई है। एक किसान ने फांसी लगाकर जान दे दी। परिजनों ने आरोप लगाया कि खाद न मिलने की वजह से वो हताश था, जिससे उसने ये आत्मघाती कदम उठा लिया।

ललितपुर के थाना कोतवाली इलाके के मैलवाराखुर्द निवासी किसान सोनी अहिरवार (40) की लाश 25 अक्टूबर सोमवार की देर रात उसके खेत पर लगे पेड़ पर झूलती हुई मिली थी।

मंगलवार को मृतक के बहनोई ने आरोप लगाया कि सोनी अहिरवार खाद लेने के लिए तीन दिन से लगातार मुख्यालय जा रहा था, लेकिन उसे खाद मिल नहीं पा रही थी। इससे वो बुरी तरह से हताश था। इसी मानसिक तनाव में वो सोमवार की शाम गांव लौटकर सीधे खेत पर चला गया और फांसी लगाकर जान दे दी। काफी खोजबीन के बाद भी उसका पता नहीं चला। रात में जब खेत पर जाकर देखा तो उसका शव पेड़ से लटका हुआ मिला।

वहीं 26 अक्टूबर मंगलवार को नाराहाट थाना के बनयाना गांव के महेश कुमार बुनकर खाद के लिये ललितपुर के गल्ला मंडी थाना इलाके के पास खाद की दुकान पर 5-6 घंटे लाइन में लगे किसान को चक्कर आया, जिसके बाद वह ज़मीन पर गिर पड़ा। आनन-फानन में उपचार के लिए उसे अस्पताल ले जाया गया। एक घंटे बाद डॉक्टर ने हालत में सुधार होने पर उसे घर वापस भेज दिया। जहां फिर उसकी तबियत बिगड़ी और उसे अस्पताल ले जाया गया। वहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

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