Wednesday, July 6, 2022

सुल्ली डील्स ऐप के मुख्य आरोपी ओमकारेश्वर ठाकुर की जमानत याचिका खारिज

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दिल्ली की एक कोर्ट ने ‘सुल्ली डील्स’ ऐप बनाने वाले ओंकारेश्वर ठाकुर की ज़मानत याचिका खारिज़ कर दी है। यह जानकारी न्यूज़ एजेंसी एएनआई ने दिया है।

आरोपी ओंकारेश्वर ठाकुर के वकीलों की तरफ से आरोपी के बचाव में कोर्ट में दलील दी गई कि आरोपी पर आईपीसी 153A साबित नहीं होता है बल्कि पुलिस मीडिया और सोसाइटी के दबाव में काम कर रही है। इसके काउंटर में दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में दलील दी कि आरोपी ने सुल्ली डील्स ऐप बनाकर उसमें मुस्लिम महिलाओं की फोटो डालकर एक कम्युनिटी को बदनाम किया और महिलाओं का अपमान किया, सुल्ली डील्स शब्द अपने आप में महिलाओं की रेस्पेक्ट के मद्देनजर शर्मनाक शब्द है।

दिल्ली पुलिस ने कोर्ट से कहा कि केस अभी शुरुआती स्टेज में है लिहाजा आरोपी बेल पर आकर सबूतों से छेड़छाड़ कर सकता है। आरोपी ने इस तरह का ब्राउजर इस्तेमाल किया जिससे उसकी पहचान न हो सके। सुल्ली डील्स ऐप मामले में कई शिकायतें आई हुई हैं। इसके बाद पटियाला हाउस कोर्ट के जज ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए आरोपी ओंकारेश्वर ठाकुर की जमानत की अर्जी को भी रद्द कर दिया।

गौरतलब है कि 26 साल के आरोपी ओंकारेश्‍वर ठाकुर पर आरोप है कि उसने 2021 जुलाई में सुल्ली डील ऐप तैयार किया था। आरोपी ओंकारेश्वर ठाकुर को कोर्ट ने 4 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया था। पूछताछ में उसने बताया था कि मुस्लिम महिलाओं को बदनाम करने की नीयत से उसने यह ऐप बनाया था। 

इससे पहले इसके बाद 14 जनवरी को बुल्ली बाई ऐप बनाने वाले आरोपी नीरज बिश्नोई की जमानत याचिका पटियाला हाउस कोर्ट के जज ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कैंसिल कर दी थी।

बुल्ली बाई ऐप बनाने वाले आरोपी नीरज बिश्नोई को स्पेशल सेल की IFSO यूनिट ने असम से गिरफ्तार करके इसकी कस्टडी ली थी, आरोपी के वकीलों की तरफ से जमानत याचिका लगाई गई और पटियाला हाउस कोर्ट में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए जमानत याचिका पर सुनवाई की गई। नीरज बिश्नोई के वकीलों की ओर से दलील दी गई कि आरोपी 20 साल का लड़का है और उस पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं उसने बुल्ली बाई ऐप को किसी महिला की बदनामी के मकसद से नहीं बनाया था और उसके पास से न ही कोई रिकवरी हुई है और न ही उसकी कस्टडी की आगे जरूरत है वो काफी दिनों से न्यायिक हिरासत में है, लिहाजा उसे जमानत दे दी जाए।

स्पेशल सेल की आईएफएसओ यूनिट की तरफ से दलील दी गई कि आरोपी ने बुल्ली बाई ऐप बनाई थी और उस पर मुस्लिम महिलाओं की फोटो डालकर नीलामी करने की कोशिश की थी, मुस्लिम महिला पत्रकारों और ऐसी मुस्लिम महिलाएं जो सोशल मीडिया पर सक्रिय थीं, उनकी फोटो डालकर जानबूझकर ये साजिश रची गई और जिस ट्विटर एकाउंट से ये फोटो शेयर की गई वो सब आरोपी का ही था लिहाजा केस अभी शुरुआती दौर में है ऐसे में जमानत न दी जाए।

फिलहाल साउथ वेस्ट डिस्ट्रिक्ट के किशनगढ़ वाले सुल्ली डील्स ऐप केस में नीरज बिश्नोई को किशनगढ़ पुलिस ने दो दिन की कस्टडी में लिया है और इसके बाद मुम्बई पुलिस अपने केस में आरोपी की कस्टडी की मांग करेगी।

(जनचौक ब्यूरो की रिपोर्ट।)

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