Wednesday, August 10, 2022

book review

कैफ़ी आज़मी: मुहब्बतों का गीत था बग़ावतों का राग

‘मेरी आवाज़ सुनो’ तरक़्क़ीपसंद तहरीक से वाबस्ता रहे शायर-नग़मा निगार कैफ़ी आज़मी की जीवनी है। जिसमें इस अज़ीम शख़्सियत की ज़िंदगानी और उनके अदब को मर्कज में रखा गया है। यह किताब मूल रूप में मराठी में लिखी गई...

अजय सिंह की कविताएं पढ़ते हुए

अपनी बात शुरू करने से पहले एक बात मैं यह स्पष्ट कर दूँ कि कविता की समीक्षा/आलोचना करने का इरादा/सामर्थ्य मुझ में नहीं है। वैसे कविताएं सुनना-पढ़ना मुझे अच्छा लगता है। यह लत मुझे होश संभालते ही लग गई...

मानव सभ्यता के ‘विकास’ का आईना ‘काली-वार काली-पार’

यह किताब हिमालय में निवास करने वाली राजी जनजाति की परंपरागत जीवन शैली की अंतिम सांसें गिनने और उनकी पहचान के मिटने की कहानी कहती है। तीसरे खण्ड में इसकी कहानी बहुत तेज़ी के साथ आगे बढ़ती है, जिसे पढ़ते...

‘जीते जी इलाहाबाद’: जहां जमुना के छलिया जल जैसे सत्य से आँखें दो-चार होती हैं!

दो दिन पहले ही ममता कालिया जी की किताब ‘जीते जी इलाहाबाद’ प्राप्त हुई, और पूरी किताब लगभग एक साँस में पढ़ गया । इलाहाबाद का 370, रानी मंडी का मकान। नीचे प्रेस और ऊपर रवीन्द्र कालिया-ममता कालिया का घर;...

‘‘आधी रोटी” का पूरा सच

यह आत्मकथा एक ऐसे दलित व्यक्ति के जीवन-संघर्षों की गाथा है जिसने उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल में स्थित देवरिया जिले के एक छोटे से गांव चरियांव खास (जगदीशपुर मौजा मठबालागिर) में जन्म लिया था। जहां ग्रामीण जाति-व्यवस्था के साये...

उस्ताद और शागिर्द की खूबसूरत कहानी है लपूझन्ना

लपूझन्ना एक उस्ताद के लिए उसके शागिर्द की तरफ़ से लिखी गई खूबसूरत कहानी है। लेखक अपने बचपन की याद अब तक नही भुला सके हैं और उन यादों में लेखक का ख़ास दोस्त भी है। ये वो ख़ास...

मेरी तेरी उसकी बातः जिंदगी और सफर की बात

हिंदी के युवा कवियों में शुमार होने वाले अंशु मालवीय ने एक कविता लिखी थीः आजकल क्या कर रहे हैं मनमोहन सिंह/ क्या करता है जहर/ खून में घुलने के बाद। यह कविता उस समय में लिखी गई थी...

‘एक सुलझा हुआ रहस्य’: एक दिलचस्प विज्ञान-कथा संग्रह

जब विज्ञान-कथाएं तो क्या, कथा-साहित्य और यहां तक कि खुद साहित्य अस्तित्व के संकट से जूझ रहा हो, ऐसे दौर में उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान द्वारा प्रकाशित युवा कहानीकार अमित कुमार की विज्ञान-कथाओं का संग्रह 'एक सुलझा हुआ रहस्य'...

पुस्तक समीक्षाः देश के लोग हैं असल ‘भारत माता’

वर्तमान लोकतांत्रिक भारत राष्ट्रवाद के जिस रास्ते पर चल रहा है, उसमें ‘भारत माता’ के नाम का इस्तेमाल असहमति रखने वाले अपने ही नागरिकों को प्रताड़ित करने के लिए किया जा रहा है। आखिर कौन हैं ये भारत माता?...

हत्यारे के महिमामंडन काल में सच्चाई की इबारत है ‘उसने गांधी को क्यों मारा’

कुछ पुस्तकें ऐसी होती हैं जो विमर्श और सोच-समझ के नए आयाम प्रस्तुत करती हैं और बदलाव की वाहक बनती हैं। बदलाव लाने की यह शक्ति उन पुस्तकों में भी होती है जो कुछ नया तो नहीं प्रस्तुत करतीं...
- Advertisement -spot_img

Latest News

शिशुओं का ख़ून चूसती सरकार!  देश में शिशुओं में एनीमिया का मामला 67.1%

‘मोदी सरकार शिशुओं का ख़ून चूस रही है‘ यह पंक्ति अतिशयोक्तिपूर्ण लग सकती है पर मेरे पास इस बात...
- Advertisement -spot_img