Saturday, October 1, 2022

climate

स्पेशल रिपोर्ट: जलवायु परिवर्तन की चपेट में बिहार, लेकिन बचाव का कोई एक्शन प्लान नहीं

पटना। मौसम विभाग के अनुसार 17 अगस्त 2022 तक राज्य में केवल 389.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की जो कि सामान्य से बहुत कम है। कम से कम 657.6 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए। वहीं पिछले साल मानसून के दौरान चार...

उत्तराखंड में फिर तबाही; कहीं बादल फटा, कहीं अतिवृष्टि

देहरादून। उत्तराखंड में मॉनसून अब तक बेशक कमजोर रहा हो, लेकिन मॉनसून में आखिरी पड़ाव खतरनाक साबित हो रहा है। परसों यानी 19 अगस्त से राज्य के अनेक हिस्सों में शुरू हुआ बारिश का सिलसिला लगातार जारी है। इस...

उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में जलवायु परिवर्तन का कहर

अंधाधुंध सड़क निर्माण और जल विद्युत परियोजनाएं उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को बढ़ा रही हैं जो हाल के वर्षों में बादल फटने और अचानक बाढ़ आने (flash floods) के रूप में प्रकट हो रहा...

जलवायु परिवर्तन से वर्षा का क्षेत्र बदला

बिहार और उत्तर प्रदेश में सूखा पड़ा है जबकि गुजरात और महाराष्ट्र, राजस्थान में जोरदार वर्षा से बाढ़ आ गई है। जलवायु परिवर्तन के प्रभाव का यह प्रत्यक्ष उदाहरण है। गुजरात में जोरदार वर्षा से बड़े पैमाने पर जन-धन की...

लू ने बिगाड़ा विलायत का चेहरा

यूरोप के कई देश इन दिनों जलवायु परिवर्तन का फल सीधे-सीधे झेल रहे हैं। आम तौर पर ठंडा माने जाने वाले इन देशों में भयानक गर्मी पड़ रही है। इंग्लैंड व फ्रांस जैसे देशों में लू की लहरें चल...

लखनदेई नदी: छोटी नदी में प्रवाह से जलवायु परिवर्तन का मुकाबला आसान 

बिहार के उत्तरी छोर पर छोटी-सी नदी लखनदेई को पुनर्जीवित करने का एक सराहनीय प्रयास चल रहा है। सीतामढ़ी शहर से गुजरने वाली इस नदी का उल्लेख पुराणों में देवी सीता की सहेली के रूप में लक्ष्मणा नाम से...

कोशी क्षेत्र में तबाही का कारण बना भूमि सर्वेक्षण

जलवायु परिवर्तन के इस दौर में बिहार की कोशी नदी के ‘दो पाटन के बीच फंसी’ आबादी नए किस्म की समस्या में उलझ गई है। समस्या जमीन के सर्वेक्षण की विशेष नियमावली की वजह से उत्पन्न हुई है। इसके...

देहरादून में सौ साल पुराने साल के जंगल का सफाया

देहरादून। विकास के नाम पर एक बार फिर से उत्तराखंड में विनाश का खेल शुरू कर दिया गया है। चार धाम सड़क परियोजना के नाम पर हजारों पेड़ों की बलि देने और पर्यावरण प्रभावों का अध्ययन करने वाली कमेटी...

जलवायु परिवर्तन की वजह से बढ़ेंगी आपदाएं: रिपोर्ट

जलवायु-परिवर्तन जनित आपदाएं अगले दो दशकों में काफी बढ़ने वाली हैं। स्थिति इतनी खराब हो गई है कि अगर ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन को नियंत्रित करने की कठोर कार्रवाई अब की भी जाती है तो इन आपदाओं को आने...

पैदल चलना हो सकता है जलवायु परिवर्तन का स्थाई समाधान

पैदल चलना जलवायु परिवर्तन की वैश्विक समस्या का स्थानीय समाधान हो सकता है। यह मनुष्य की आदिम गतिविधियों में से है। जीवाश्म ईंधनों पर आधारित यंत्रचालित वाहनों का प्रचलन बढ़ने के बाद भी पैदल चलने का कोई विकल्प नहीं...
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सोडोमी, जबरन समलैंगिकता जेलों में व्याप्त; कैदी और क्रूर होकर जेल से बाहर आते हैं: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि भारत में जेलों में अत्यधिक भीड़भाड़ है, और सोडोमी और जबरन समलैंगिकता...
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