Wednesday, August 10, 2022

democracy

बापू के पास है घायल लोकतंत्र की औषधि

बड़ी संख्या में लोग मानने लगे हैं कि भारतीय लोकतंत्र एक संकट के दौर से गुज़र रहा है। लोकतान्त्रिक संस्थाओं की कार्य शैलियाँ बदल रही हैं, कार्यकारिणी और न्यायपालिका के काम-काज में अनावश्यक हस्तक्षेप हो रहा है और शैक्षणिक...

व्यवसायिक हित स्वतंत्र पत्रकारिता पर हावी, लोकतंत्र से समझौता:चीफ जस्टिस

चीफ जस्टिस एनवी रमना ने मीडिया पर व्यापारिक घरानों के वर्चस्व पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब एक मीडिया हाउस के अन्य व्यवसायिक हित होते हैं, तो वह बाहरी दबावों के प्रति संवेदनशील हो जाता है। अक्सर, व्यवसायिक हित स्वतंत्र पत्रकारिता...

न्यायाधीश सामाजिक वास्तविकताओं से आंखें नहीं मूंद सकते:चीफ जस्टिस

चीफ जस्टिस एनवी रमना ने कहा है कि वर्तमान समय की न्यायपालिका के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक निर्णय के लिए मामलों को प्राथमिकता देना है। न्यायाधीश सामाजिक वास्तविकताओं से आंखें नहीं मूंद सकते। सिस्टम को टालने...

पहली नागरिक के रूप में कितना कारगर साबित होंगी मुर्मू

संविधान निर्माताओं समेत स्वाधीनता संग्राम से मंज-तपकर निकले सिद्धान्तनिष्ठ और खरे राजनेताओं की उस पुरानी पीढ़ी ने (जिसे यह पता था कि हमारा लोकतंत्र कितना बहुमूल्य है) यह कल्पना तक नहीं की होगी कि राज्यपाल और राष्ट्रपति जैसे पद...

राजनीतिक विरोध का शत्रुता में बदलना स्वस्थ लोकतंत्र का संकेत नहीं: चीफ जस्टिस रमना

भारत के चीफ जस्टिस एनवी रमना ने शनिवार को राजनीति विशेषकर सत्ताधारी दल की राजनीति की एक दुखती रग पर यह कहकर हाथ रख दिया कि राजनीतिक विरोध का शत्रुता में बदलना स्वस्थ लोकतंत्र का संकेत नहीं है। उन्होंने...

 केजरीवाल ने पीएम से पूछा-कौन बांट रहा है रेवड़ी?

प्रधानमन्त्री जी देश में लोकतंत्र है और सत्ता में बैठे लोग जनप्रतिनिधि हैं कोई राजा महाराजा नहीं हैं। देश की सरकार चुने हुए जनप्रतिनिधियों की है। देश की अर्थव्यवस्था जनता से वसूले गये टैक्स से चलती है। देश किसी...

गोटा बाया राजपक्षे के स्वीमिंग पूल से निकलता लोकतांत्रिक श्रीलंका

आज गोटाबाया राजपक्षे का स्वीमिंग पूल देखा। उछलते कूदते किलकारियां मारते नौजवानों के हुजूम को स्वीमिंग पूल से लेकर राजमहल के शयन कक्ष तक चहल कदमी करते, किलकारियां भरते, उछलते-कूदते और मनुष्यता के सर्वोच्च उत्सव में शामिल लोगों को...

ज़किया जाफ़री पर सर्वोच्च न्यायालय के फैसले और तीस्ता सीतलवाड़ की गिरफ़्तारी की कड़ी भर्त्सना

"देश में बढ़ता धार्मिक बहुसंख्यकवाद और सर्वभक्षी कारपोरेटी हमला लोकतंत्र और संविधानिक मूल्यों के लिए बड़े खतरे" पर 26 जून को झारखंड जनाधिकार महासभा द्वारा बगईचा, रांची में आयोजित एक सेमिनार में चर्चा हुई जिसमें राज्य के अनेक जन...

लोकतान्त्रिक लिबास में ‘राजा’

पूरे पचहत्तर साल बाद भी हमारा लोकतंत्र अपने शैशवकाल में ही है। अक्सर पालने में पड़ा-पड़ा ‘अहंकार विसर्जन’ करता, अपने डायपर गीले करता रहता है; सोशल मीडिया और थोड़ा बहुत सामान्य मीडिया तन्त्र चीख-चीख कर जब इसे उजागर करता...

सीपी कमेंट्री: प्रेस क्लब ऑफ इंडिया चुनाव के मायने

लोकतंत्र की गारंटी के रूप में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव जरुरी है चाहे वे राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति के चुनाव हों या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के गृह-राज्य गुजरात के और कुछ अन्य राज्यों के इसी...
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