Wednesday, August 10, 2022

economy

भूख, कुपोषण और भुखमरी का सामना कर रहे श्रीलंका की अर्थव्यवस्था “रॉक बॉटम”  पर पहुंची 

(पत्रकार तुषार धारा द्वारा कोविड-19 के बाद श्रीलंका में आर्थिक और सामाजिक संकट पर लेखों की श्रृंखला में यह पहला लेख है।वह देश में आंखों देखी वहां की घटनाओं पर रिपोर्ट करने के लिए गए थे-संपादक) जैसे 31 दिसंबर को...

   शिक्षा, विकास और नास्तिकता का परस्पर संबंध

धर्म के प्रति मुख्य आकर्षण का एक कारण यह है कि यह अनिश्चित दुनिया में सुरक्षा का काल्पनिक अहसास दिलाता है। लेकिन बावजूद इसके दुनियाभर में नास्तिकता बढ़ रही है। कैलिफ़ोर्निया में क्लेरमोंट के पिटज़र कॉलेज में सामाजिक विज्ञान...

मोदी के नादान दोस्तों को नहीं पता कि वह क्या कह रहे हैं!

आज के ‘टेलिग्राफ’ में भाजपा के सांसद स्वपन दासगुप्ता ने अपने लेख के अंत में उपसंहार के तौर पर लिखा है- “दरअसल, मोदी ‘ग़रीबों के लिए’ कार्यक्रमों की ख़ातिर ‘ग़रीबों के द्वारा’ नेतृत्व को तैयार करने की कोशिश कर...

आर्थिक तबाही से गुज़रती दुनिया के बीच मस्त मौला बना हुआ है भारत

टर्की की मुद्रा लीरा जीरा हो गई है। डॉलर को सामने देखते ही कांपने लग जाती है। वहां की महंगाई ने छप्पर फाड़ने के बाद आसमान भी नहीं छोड़ा और अब अंतरिक्ष की तरफ निकल गई है। मुद्रा स्फीति...

देश की आर्थिक प्रगति में बाधक है आक्रामक राष्ट्रवाद

भारत की अर्थव्यवस्था और शिक्षा की भूमिका पर दिए अपने व्याख्यान में, अर्थशास्त्री कौशिक बसु ने भारत की तुलना अर्जेंटीना से करते हुए कहा कि, "1862 के बाद अर्जेंटीना की अर्थव्यवस्था में तगड़ी वृद्धि दर देखने को मिली थी।...

यूक्रेन युद्ध और भूख की आसन्न महामारी-1

(पहले से ही सबसे बुरे आर्थिक झटके और कोविड -19 लॉकडाउन के परिणामस्वरूप अभूतपूर्व भूख और आजीविका के संकट से जूझ रही दुनिया की कमजोर आबादी के लिए यूक्रेन युद्ध अस्तित्व का खतरा साबित हो सकता है। दो भागों...

चरमराती अर्थव्यवस्था भी मोदी सरकार की सेहत पर नहीं डाल पा रही है फर्क

कीचड़ में कमल खिलने से कीचड़ जैसे कमल नहीं हो जाता है वैसे ही देश और राज्यों में कमल खिलने से सामाजिक, राजनैतिक और आर्थिक दशाएं खिल गई हों ऐसा पी चिदंबरम जी नहीं मानते हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री...

यूपी की बदहाली के गुनहगार कौन?

उत्तर प्रदेश में वे सभी खूबियां हैं जो इसकी जबर्दस्त राजनीतिक और आर्थिक सफलता की कहानी गढ़ सकती हैं। 2,43,286 वर्ग किमी की इसकी विशाल उपजाऊ जमीन, 20.4 करोड़ की विशाल आबादी, गंगा और यमुना जैसी इसकी अविरल प्रवाहमान...

आखिर क्या है हिजाब विवाद के पीछे का सच?

चूंकि हिजाब को लेकर पिछले एक सप्ताह से विवाद रुकने का नाम ही नहीं ले रहा है, और इसके पक्ष और विपक्ष में जितने धरने-प्रदर्शन हो रहे हैं, उससे कई हजार गुना यह बात करोड़ों भारतीयों के बीच में...

बजट के आईने में उत्तराखंड: सीतारमन की बजट की पोटली से जीएसटी की क्षतिपूर्ति गारंटी गायब

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन द्वारा प्रस्तुत केन्द्रीय बजट में वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) की क्षतिपूर्ति का उल्लेख न होने से आर्थिक संसाधनों की तंगी झेल रहे उत्तराखण्ड जैसे कई राज्यों की बेचैनी बढ़ गयी है। फिलहाल भारत सरकार का...
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शिशुओं का ख़ून चूसती सरकार!  देश में शिशुओं में एनीमिया का मामला 67.1%

‘मोदी सरकार शिशुओं का ख़ून चूस रही है‘ यह पंक्ति अतिशयोक्तिपूर्ण लग सकती है पर मेरे पास इस बात...
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