Thursday, August 18, 2022

hunger

जेल प्रशासन द्वारा मांगें माने जाने पर पत्रकार रूपेश ने भूख हड़ताल वापस ली

पत्रकार रूपेश कुमार सिंह ने सरायकेला जेल में अपनी तीन मांगों को लेकर आज यानी 15 अगस्त से भूख हड़ताल की घोषणा की थी। कारण था जहां उनको रखा गया है वह जगह काफी जर्जर अवस्था में है, लिहाजा उन्होंने...

पत्रकार रूपेश के खिलाफ एनआईए ने दर्ज किया एक और मामला

रूपेश जी ने सरायकेला जेल में अभी जब 15 अगस्त को जगह बदलने को लेकर भूख हड़ताल की बात रखी ही थी कि, तभी उन पर एक और नया केस कैमूर बाघ अभयारण्य के विरोध में होने वाले आंदोलन...

15 अगस्त से भूख हड़ताल पर बैठेंगे पत्रकार रूपेश कुमार सिंह

15 अगस्त जब पूरे देश में स्वतंत्रता दिवस का महाउत्सव मनाया जाएगा, उस दिन झारखंड के सरायकेला जेल में बंद जनपक्षीय पत्रकार रूपेश कुमार सिंह अपनी तीन मांगों को लेकर भूख हड़ताल पर बैठेंगे।ये तीन मांगे हैं-1. जिस सेल...

भोजन के संकट से जूझ रहे हैं ब्रिटेन समेत कई पश्चिमी देश

जहां अमीर देशों में भी भूख और आजीविका का संकट रोकने के सरकारी प्रयास विफल होते रहे हैं, दुनिया में यह संकट तेजी से एक आपात स्थिति में बदल रहा है। पश्चिमी देशों के नेता और मीडिया इस विनाशकारी...

नाटक की प्रयोगशाला में एक नूतन प्रयोग है पुंज प्रकाश का ‘पलायन’

सच्चाई है कि लुटियन के टीले पर जारी नाटक के समक्ष भारत के तमाम नाटक अप्रासंगिक होते जा रहे हैं। बावजूद इसके जनता का नाटक और सत्ता के नाटक का फर्क करते हुए हमने बरसों बाद पटना में नाटक...

भूख, कुपोषण और भुखमरी का सामना कर रहे श्रीलंका की अर्थव्यवस्था “रॉक बॉटम”  पर पहुंची 

(पत्रकार तुषार धारा द्वारा कोविड-19 के बाद श्रीलंका में आर्थिक और सामाजिक संकट पर लेखों की श्रृंखला में यह पहला लेख है।वह देश में आंखों देखी वहां की घटनाओं पर रिपोर्ट करने के लिए गए थे-संपादक) जैसे 31 दिसंबर को...

 नागपुर जेल में फिर से भूख हड़ताल पर बैठे प्रोफेसर साईबाबा की तबियत बिगड़ी

नई दिल्ली। नागपुर जेल में बंद प्रोफेसर जीएन साईबाबा ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है। यह दूसरी बार है जब वह हड़ताल कर रहे हैं। 21 मई, 2022 से शुरू हुई इस हड़ताल को अब छह दिन बीत...

यूक्रेन युद्ध और भूख की आसन्न महामारी-1

(पहले से ही सबसे बुरे आर्थिक झटके और कोविड -19 लॉकडाउन के परिणामस्वरूप अभूतपूर्व भूख और आजीविका के संकट से जूझ रही दुनिया की कमजोर आबादी के लिए यूक्रेन युद्ध अस्तित्व का खतरा साबित हो सकता है। दो भागों...

तो क्या वे मौतें ‘नजरों का धोखा’ थीं?

मरो भूख से, फौरन आ धमकेगा थानेदार/लिखवा लेगा घरवालों से-’वह तो था बीमार’/अगर भूख की बातों से तुम कर न सके इंकार/फिर तो खायेंगे घर वाले हाकिम की फटकार/ले भागेगी जीप लाश को सात समुन्दर पार/अंग-अंग की चीर-फाड़ होगी...

केंद्र सुनिश्चित करे कि भूख से कोई न मरे, सुप्रीम कोर्ट ने 3 हफ्ते में प्लान बनाने का दिया आदेश

उच्चतम न्यायालय के चीफ जस्टिस एन वी रमना, जस्टिस एएस बोपन्ना व जस्टिस हिमा कोहली की पीठ ने कहा है कि लोक कल्याणकारी राज्य की संवैधानिक जिम्मेदारी है कि वह इस बात को सुनिश्चित करे कि भूख से कोई न मरे। सुप्रीम...
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शीर्ष पदों पर बढ़ता असंतुलन यानी संघवाद को निगलता सर्वसत्तावाद 

देश में बढ़ता सर्वसत्तावाद किस तरह संघवाद को क्रमशः क्षतिग्रस्त कर रहा है, इसके उदाहरण विगत आठ वर्षों में...
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