Friday, December 2, 2022

market

ग्राउंड रिपोर्ट: चंदौली के ब्लैक राइस की खेती करने वाले किसानों को डिमांड और बाजार का है इंतजार

चंदौली (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश स्थित चंदौली के खेतों में हरी-हरी पत्तियों समेत कंधे तक लंबे ब्लैक राइस (चखाओ) के पौधे लहलहा रहे हैं। इन दिनों बालियां, दाने पड़ने व पकने की वजह से झुक गई हैं। जो राह...

ग्राउंड रिपोर्ट: बीमारी और महंगाई ने छीना दिवाली पर बाज़ारों की रौनक 

प्रयागराज। घर में बीमारी, जेब में महंगाई , सूना त्योहार, सूना बाज़ार। यही इस साल की दीपावली त्योहार का दृश्य है। बाज़ार में पटाखों, मूर्तियों, सजावटी सामानों, मिठाइयों की दुकानों के सामने ग्राहकों की भीड़ नहीं महंगाई और बीमारी...

भास्कर की अडानी ग्रुप पर रिसर्च रिपोर्ट कहां लापता हो गयी?

दैनिक भास्कर ने 15 सितम्बर को अपने वेबसाइट पर रिसर्च खबर प्रकाशित की कि अडानी ग्रुप के शेयर्स 1100 प्रतिशत बढ़े, मगर ... लेकिन पता नहीं सरकार के दबाव में या अडानी समूह के दबाव में यह खबर कल...

ग्राउंड रिपोर्ट: हेलंग बन गया उत्तराखंड के अस्मिता का सवाल

उत्तराखंड के चमोली जिले के सुदूरवर्ती गांव हेलंग में महिलाओं से घास छीनने की घटना को करीब एक महीना गुजरने को है। इस दौरान पूरे उत्तराखंड की हुई गतिविधियों पर नजर डालें तो साफ नजर आ रहा है कि...

बेस्टसेलिंग आइटम बन गया है ‘योगा’

योग को सामान्यतः एक हिन्दू धार्मिक अभ्यास के रूप में देखा जाता है। अन्य धर्म के लोगों ने शुरू में इसका विरोध ‘सूर्य नमस्कार’ शब्द को लेकर किया था। पतंजलि योग सूत्र कहता है कि योग का अर्थ है...

ख़ास रपट: निजी व सामाजिक संबंधों का इस्तेमाल कर उत्पाद बेंचती एमएलएम कंपनियां

पवन कुमार मल्टीलेवल मार्केटिंग कंपनियों से इस कदर परेशान हैं कि कहते हैं इन कंपनियों ने मेरी निजी ज़िंदग़ी को यातनापूर्ण बना दिया है। कैसे और किस तरह? पूछने पर पवन कुमार बताते हैं कि उनकी सास आईएमसी कंपनी की...

ग्राउंड रिपोर्ट: कहां गुम हो गयी पीतलनगरी की चमक?

मुरादाबाद। मुरादाबाद दुनियाभर में पीतलनगरी के नाम से प्रसिद्ध है। यहां भारी मात्रा में पीतल की धातुओं के साथ-साथ पीतल के देवी-देवताओं की मूर्तियों का कारोबार किया जाता है। कारोबारियों की मानें तो हर साल करीब 8 हजार करोड़...

बाज़ारों में पसरा सन्नाटा! कर्ज़ लेकर रंग-गुलाल और तेल ख़रीद रहे हैं लोग

इलाहाबाद। बहुत ही अजीब सा मौसम है। लगभग हर घर में एक दो लोग बीमार हैं। बादल रोज घेरे हुये हैं। लोग-बाग सरसों काटने में जुटे हैं। कहते हैं बूंदा-बांदी हो गई तो सरसों का एक भी दाना हाथ...

दीपावली की सामाजिकता को तो नष्ट कर चुका है बाजार

पिछले दिनों राष्ट्र के नाम संबोधन में उत्सव प्रेमी प्रधानमंत्री ने फरमाया है कि देशवासी खूब धूमधाम से दीपावली मनाएं। उनका यह फरमान आम आदमी के जले पर नमक छिड़कने जैसा है। इसलिए कि बगैर सोची-समझी नोटबंदी और दिशाहीन...

बाजारवादी समाजवाद के बाद साझा समृद्धि: अब कैसे दिखेगा चीन?

चीन में कम्युनिस्ट पार्टी की अगले महीने (8-11 नवंबर) एक विशेष बैठक होगी। खबरों के मुताबिक उसमें ‘इतिहास पर संकल्प-पत्र (resolution)’ को मंजूरी देगी। मीडिया रिपोर्टों में बताया गया है कि पार्टी के इतिहास में इस संकल्प-पत्र का वही...
- Advertisement -spot_img

Latest News

देश के लिए आपदा है संघ-भाजपा का कारपोरेट-साम्प्रदायिक फासीवाद: सीपीआई (एमएल)

मुजफ्फरपुर। भाकपा (माले) महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य समेत देश के कोने-कोने से आये वरिष्ठ माले नेताओं की भागीदारी के साथ...
- Advertisement -spot_img