Friday, August 12, 2022

quit india movement

‘अंग्रेज़ों! भारत छोड़ो’ आंदोलन और गांधी जी का यादगार भाषण

1942 के पहले जब 1938–39 में इस बात की संभावना बन गयी थी कि द्वितीय विश्वयुद्ध होगा ही, तब नेताजी सुभाष का विचार था कि युद्ध के समय पर ही अंग्रेजों के खिलाफ आज़ादी की एक निर्णायक जंग छेड़ी...

भारत छोड़ो आन्दोलन की वर्षगाँठ पर किसान पुलिस दमन का शिकार

आज अंतरराष्ट्रीय आदिवासी दिवस के अवसर पर हजारों की संख्या में, कोठागुडेम, तेलंगाना में एआईकेएमएस के नेतृत्व में, आदिवासियों ने वन अधिकार कानून 2006 के अमल, खेती के तीन काले कानून रद्द कराने और वन उत्पादों व सभी फसलों...

मुश्किल में देश…1942 को फिर से जगाने की जरूरत

आज नौ अगस्त है। आज के दिन ही 1942 में मुबई के गोवालिया टैंक मैदान में अरूणा आसफ अली ने तिरंगा फहरा कर आजादी की घोषणा की थी तथा अंग्रेजों को भारत छोड़ने का अल्टीमेटम दिया था। आठ अगस्त,...

भारत छोड़ो आंदोलन और गांधीजी का यादगार भाषण

1920 से 1948 तक का कालखंड, भारतीय इतिहास में गांधी युग के नाम से जाना जाता है। अगर कोई एक वाक्य में गांधी की स्वाधीनता संग्राम में योगदान के बारे में पूछे तो, उसका उत्तर होगा, एक तो, गांधी ने...
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मुफ्त उपहार बांटने के लिए राजनीतिक दलों का पंजीकरण रद्द करने पर विचार नहीं

उच्चतम न्यायालय ने कल राजनीतिक दलों को मुफ्त उपहार का वादा करने पर रोक लगाने की याचिका पर स्पष्ट...
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