Friday, August 12, 2022

social

कोविड पर श्रीलंका की सैन्य प्रतिक्रिया ने एक राष्ट्र को कैसे  बर्बाद किया

(तुषार धारा द्वारा कोविड-19 के बाद श्रीलंका में आर्थिक और सामाजिक संकट पर लेखों की श्रृंखला में यह दूसरा लेख है। धारा देश में आखों देखी वहां की घटनाओं पर रिपोर्ट करने के लिए गए थे-संपादक) 18 मार्च, 2020 को...

पुण्यतिथि पर विशेष: नेहरू ने अपनी जिंदगी के साढ़े नौ साल बिताए जेल में     

                                   सोशल मीडिया पर यह बात भी गाहे बगाहे कही जाती है कि जवाहरलाल नेहरू को किसी नियमित जेल में नहीं बल्कि आरामदायक डाक बंगले में रखा जाता था। उन्हें ब्रिटिश सरकार विशेष सुविधा देती थी। यह बात सच नहीं...

इतिहास के पथ पर एक स्थाई लैंडमार्क हैं मार्क्स

आज कार्ल मार्क्स का जन्मदिन है। विश्व के वैचारिक इतिहास में कार्ल मार्क्स एक ऐसी प्रतिभा हैं जिन्होंने समाज और विकास की धारा बदल दी। मार्क्स के सिद्धांतों और विचारधारा का प्रभाव दुनियाभर के सभी विचारों पर पड़ा और...

चरमराती अर्थव्यवस्था भी मोदी सरकार की सेहत पर नहीं डाल पा रही है फर्क

कीचड़ में कमल खिलने से कीचड़ जैसे कमल नहीं हो जाता है वैसे ही देश और राज्यों में कमल खिलने से सामाजिक, राजनैतिक और आर्थिक दशाएं खिल गई हों ऐसा पी चिदंबरम जी नहीं मानते हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री...

अम्बेडकर को देवता बनाकर उनके सिद्धांतों को दरकिनार करने की साजिश

पिछले सालों की तरह इस साल भी विभिन्न राजनैतिक दलों और संगठनों ने 14 अप्रैल को जोर-शोर से अम्बेडकर जयंती मनाई। पिछले कुछ दशकों से लगभग सभी राजनैतिक दलों में सामाजिक न्याय के इस प्रतिबद्ध हिमायती के प्रति जबरदस्त...

रामनवमी पर निकली शोभा यात्राओं का दूर-दूर तक नहीं था राम से रिश्ता

रामनवमी पर आयोजित भव्य शोभा यात्राओं ने आनंदित कम चिंतित अधिक किया। इनके विषय में लिखने से पहले गहन आत्मचिंतन करना पड़ा। स्वयं पर नकारात्मक, निन्दाप्रिय और छिद्रान्वेषी होने का आरोप लगाया। मित्रों, शुभचिंतकों और बुद्धिजीवियों के अनेक कथनों...

हुकूमतें अधिकार की चेतना को नष्ट कर बहुजनों में भिखारी चेतना कर रही हैं विकसित

भागलपुर। बहुजन दृष्टि का मूल तत्व समानता, बराबरी व आजादी है। बहुजन दृष्टि सोशल इंजीनियरिंग का पर्याय नहीं है। सोशल इंजीनियरिंग के जरिए सामाजिक न्याय और बदलाव की राजनीति आगे नहीं बढ़ सकती है। सोशल इंजीनियरिंग के जरिए सामाजिक...

हिंदी प्रकाशक चुरा रहे हैं लेखकों की मेहनत की कीमत

हिंदी के अप्रतिम लेखक विनोद कुमार शुक्ल के ऑडियो और वीडियो से उनके प्रकाशकों द्वारा उनका शोषण किये जाने की घटना के रहस्योद्घाटन से हिंदी जगत का एक हिस्सा काफी हद तक हतप्रभ है और उसने सोशल मीडिया पर...

लखनऊ: ईलाज ने बना दिया कर्जदार, आयुष्मान कार्ड तक नहीं हुआ नसीब

लखनऊ। ठीक एक दिन पहले मेरे पास सामाजिक कार्यकर्ता कमला जी का फोन आता है,  आठ मार्च को मेरी व्यस्तता के बारे में पूछने के लिए.... अब महिला दिवस है तो शहर में कई जगह कार्यक्रम होंगे ही, मैंने...

गुजरात:भरवाड़ हत्या को सांप्रदायिक रूप देकर ग्रामीण इलाकों में बीजेपी करना चाहती है विस्तार

अहमदाबाद। धंधुका, अहमदाबाद जिले की एक तहसील है, जिसका एक हिस्सा सौराष्ट्र प्रांत में लगता है। ग्यारहवीं और बारहवीं सदी के मध्य में राजा धाना मेर ने धानापुर की स्थापना की थी। धंधुका की दूरी अहमदाबाद शहर से 105...
- Advertisement -spot_img

Latest News

भारत छोड़ो आंदोलन के मौके पर नेताजी ने जब कहा- अंग्रेजों को भगाना जनता का पहला और आखिरी धर्म

8 अगस्त 1942 को इंडियन नेशनल कांग्रेस ने, जिस भारत छोड़ो आंदोलन का आगाज़ किया था, उसका विचार सबसे...
- Advertisement -spot_img