Sunday, May 22, 2022

society

जन्मदिन पर विशेष: मसीहाई भी जिसे रास नहीं आई

जिद्दू कृष्णमूर्ति (1895-1986) दक्षिण भारत के छोटे शहर मदनपल्लै में पैदा हुए। छोटी अवस्था में ही थियोसॉफिकल सोसाइटी की अध्यक्ष और भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की बड़ी नेत्री एनी बेसेंट ने कृष्णमूर्ति और उनके भाई नित्यानंद की परवरिश की ज़िम्मेदारी...

सरोकारविहीन हो गयी है मौजूदा दौर की पत्रकारिता

दिनेशपुर, उत्तराखंड में अखिल भारतीय लघु पत्र-पत्रिका सम्मेलन का आयोजन हो रहा है। कुछ समय पूर्व पलाश विश्वास ने पत्रकारिता और साहित्य के संपादन संबधों की चर्चा की थी जिसमें मूल बात यह थी कि रघुवीर सहाय और सव्यसाची...

कोविड-19 ने चौड़ी कर दी है देश और समाज में असमानता की खाई

नव वर्ष आने के साथ कोविड-19 ने फिर से दस्तक देना शुरू कर दिया है। कोविड-19 तथा असमानता के बढ़ने के बीच एक सीधा सम्बन्ध रहा है -ऐसा कोरोना की पहली और दूसरी लहर में स्पष्ट हुआ। दोनों का...

सिविल सोसाइटी सदस्यों ने कहा- हरिद्वार हेट कॉन्क्लेव का सुप्रीम कोर्ट ले संज्ञान

सिविल सोसायटी और वरिष्ठ एक्टिविस्ट और वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट से अपील की है कि वह हरिद्वार के हेट कॉन्क्लेव का संज्ञान लेकर यूएपीए के तहत भड़काऊ भाषण देने वालों के खिलाफ कार्रवाई करे। हरिद्वार हेट कॉन्क्लेव के वीडियो...

भारतीय समाज को एकरंगा बनाने की कोशिश बेहद खतरनाक

वाराणसी। तीन दिनों बाद 'प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण' शिविर के समापन पर उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से आये कार्यकर्ता इस नारे के साथ अपने घरों को लौट गये कि 'हम होंगे कामयाब एक दिन, मन में है विश्वास...'। साझी...

सभी को आत्मबोध का समान अधिकार

जज मत करिए उन्हें समझिए “जेंडर ट्रबलः फेमेनिज्म एंड द सबवर्जन ऑफ आईडेंटिटी” (1990) जैसी मशहूर किताब की रचयिता और अमेरिकी अकादमिक और जेंडर मामलों की जानकार दार्शनिक जूडिथ पामेला बटलर का मानना है कि जेंडर का गठन, एक्शन और...

महिलाओं के प्रति नजरिये में बदलाव बेहद जरूरी

पुरुषवादी समाज में जन्म लेकर हमारे विचार भी उसी तरह के बन गए, पर इस असमानता से अब मेरा मन उचटने लगा है। जाति,धर्म के रूप में घर के बाहर बंटना शुरू हुआ समाज घर के अंदर पुरुष-महिलाओं के...

दीपावली की सामाजिकता को तो नष्ट कर चुका है बाजार

पिछले दिनों राष्ट्र के नाम संबोधन में उत्सव प्रेमी प्रधानमंत्री ने फरमाया है कि देशवासी खूब धूमधाम से दीपावली मनाएं। उनका यह फरमान आम आदमी के जले पर नमक छिड़कने जैसा है। इसलिए कि बगैर सोची-समझी नोटबंदी और दिशाहीन...

मंडियों में नहीं मिल रहा समर्थन मूल्य, सोसाइटियों के जरिये धान खरीदी शुरू करे राज्य सरकार: किसान सभा

अखिल भारतीय किसान सभा से संबद्ध छत्तीसगढ़ किसान सभा ने 1 नवम्बर से राज्य में सोसाइटियों के माध्यम से धान खरीदी शुरू करने की मांग की है। किसान सभा ने कहा है कि मंडियों में किसानों का धान 1500...

महात्मा गांधी के विचारों की प्रासंगिकता एवं उनसे असहमति: कारण और परिणाम

विचार कभी समाप्त नहीं होते हैं। विशेषकर जन नायकों द्वारा समाज को प्रभावित और उद्ववेलित कर परिवर्तन वादी विचार सदैव प्रासंगिक होते हैं, समाज में विचार, मंथन एवं व्यवस्था में सुधार का मार्ग प्रशस्त करते रहते हैं । यही...
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फिलिस्तीन की शीरीन की हत्या निशाने पर निर्भीक पत्रकारिता

11 मई को फिलिस्तीन के जेनिन शहर में इजरायली फौजों द्वारा की जा रही जबरिया बेदखली को कवर कर...
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