Wednesday, August 10, 2022

एडिटर्स गिल्ड ने लखीमपुर खीरी में पत्रकार की हत्या की निंदा करते हुये जांच की मांग की

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लखीमपुर खीरी जनसंहार में हुये पत्रकार रमन कश्यप की मौत पर एडिटर्स गिल्ड ने शोक जताया है। किसानों को गाड़ी से रौंदने की घटना को एडिटर्स गिल्ड ने आतंकी हमले जैसी बताया है और कहा है कि इसका उद्देश्य किसानों में दहशत कायम करना था।

एडिटर्स गिल्ड ने आगे कहा है कि, ”रमन कश्यप की मौत को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं, इसमें गोली मारकर हत्या भी शामिल है। जिस वक्त ये घटना हुई, उस वक्त किसानों के प्रदर्शन को वह कवर कर रहे थे, इसमें कई प्रदर्शनकारी किसान भी मारे गए। इसलिए कश्यप की मौत की वजह जानने के लिए स्वतंत्र जांच ज़रूरी है।”

ए़डिटर्स गिल्ड ने मांग किया है कि रमन कश्यप की मौत की जांच के लिए एक स्पेशल टीम बनाई जाए, साथ ही उनके कैमरे की फुटेज को ढूंढने की कोशिश की जाए, जिसका इस्तेमाल करके यह पता लगाया जाए कि कब क्या हुआ। घटना को लेकर अलग-अलग दावों से एडिटर्स गिल्ड ने चिंता जताई है, गिल्ड ने कहा कि मीडिया के लिए यह ज़रूरी है कि वो अलग-अलग दावे नहीं, बल्कि तथ्यों को रिपोर्ट करे।

राकेश टिकैत और कांग्रेस प्रतिनिधि पत्रकार के घर पहुंचे

3 अक्टूबर जनसंहार वाली घटना में निघासन खीरी के रहने वाले रमन कश्यप के दो बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया। कल मंगलवार शाम किसान नेता राकेश टिकैत मरहूम पत्रकार के घर पहुंचकर पीड़ित परिवार से संवेदना प्रकट करने के साथ ही पूरी मदद का भरोसा दिया। उनके आश्रितों को भी मृतक किसानों के परिवार को मिलने वाला मुआवजा और नौकरी आदि दिलवाने का आश्वासन दिया । सपा नेता हिमांशु पटेल और कांग्रेस से पूर्व विधायक सतीश अजमानी, चंद्रप्रकाश व उषा दीक्षित ने भी परिवार से मिलकर प्रियंका गांधी का संदेश पीड़ित परिवार को दिया।

गाड़ी से कुचलकर की गयी बेटे की हत्या

मरहूम पत्रकार रमन कश्यप के पिता राम आसरे कश्यप ने दावा किया है कि उनके बेटे की मौत गाड़ी से कुचलने की वजह से हुई थी। उन्होंने कहा कि उसके शरीर पर जो निशान हैं, उससे पता चलता है कि उसे घसीटा गया था। सिर पर भी एक चोट का निशान है, जिसे देखकर लगता है कि उस पर चोट आई थी। हालांकि, अभी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट हमें नहीं मिल सकी है। हमारे पास बेटे के शव की फोटो है, जिससे पता चलता है कि घसीटने की वजह से उसकी मौत हुई है।

उन्होंने आगे बताया है कि उनका बेटा कवरेज करने के लिए हादसे वाली जगह पर गया था और वहां उसकी मौत हो गई। मेरा बेटा भी गाड़ी की चपेट में आयाा। किसने गाड़ी चढ़ाई और किसकी गाड़ी थी, यह प्रशासन का काम है कि उन्हें बताना चाहिए कि किसकी गाड़ी से हादसा हुआ है।

उन्होंने आगे प्रशासन की संवेदनहीनता पर सवाल खड़े करते हुये कहा है कि – “यह घटना तकरीबन पौने 4 बजे की है। ना तिकोनिया और ना ही निघासन में उसका इलाज किया गया। सीधे-सीधे लखीमपुर में उसके शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया। अगर सही समय पर बेटे को इलाज मिल जाता तो उसकी मौत नहीं होती।

मरहूम पत्रकार रमन कश्यप के पिता राम आसरे ने दावा किया है कि रात तीन बजे मुझे जानकारी मिली कि एक शव मॉर्चरी में पड़ा हुआ है, तब जाकर मैंने चार बजे देखा और फिर पहचाना कि यह शव मेरे बेटे का ही है।

3 अक्टूबर को घटनास्थल पर मौजूद पत्रकार विनीत कुमार गुप्ता बताते हैं कि – ”किसान काला झंडा दिखाने का अपना कार्यक्रम कर रहे थे, तभी बीजेपी की तीन गाड़ियां तिकोनिया से आ रही थीं और उनकी स्पीड काफ़ी ज्यादा था। आगे एक थार गाड़ी थी। उसके पीछे फॉरच्यूनर थी। किसान प्रदर्शन कर रहे थे और उनके बीच में हमारा पत्रकार भाई था जब उसे ठोकर लगी तो वह गिर गया। इसके बाद पीछे चोट लगी और उसे घसीटते हुए निकल गए। जब यह घटना घटी तब सब लोग अपनी जान बचाने के लिए भाग रहे थे, लेकिन प्रशासन सिर्फ बीजेपी कार्यर्ताओं को बचाने में लगा हुआ था।

मंत्री ने पत्रकार को बताया था भाजपा कार्यकर्ता

लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी ने दावा किया था कि चार बीजेपी कार्यकर्ता मारे गए हैं जिसमें उन्होंने रमन कश्यप (32) को भी शामिल कर लिया था। हालांकि रमन के परिवार ने स्पष्ट किया कि उनका बेटा पत्रकार था भाजपा कार्यकर्ता नहीं। वह अपना काम कर रहा था और मंत्री के बेटे आशीष व उनके साथियों पर हत्या का आरोप लगाया है। एसडीएम ओम प्रकाश गुप्ता ने मीडिया को बयान देकर बताया था कि रमन कश्यप बीजेपी कार्यकर्ता नहीं थे बल्कि पत्रकार थे। उनके परिवार की ओर से अलग से शिकायत दर्ज़ कराई गई है।

पुलिस शिक़ायत में पिता ने कहा घटना का वीडियो बनाने के चलते मारी गयी गोली

पुलिस को दिये अपनी शिक़ायत में मरहूम रमन कश्यप के पिता राम आसरे कश्यप ने कहा है कि “मेरा बेटा साधना न्यूज (चैनल) में रिपोर्टर था। 3 अक्टूबर को वह महाराजा अग्रसेन स्पोर्ट्स ग्राउंड में किसानों का प्रदर्शन कवर करने गया था जहां अजय मिश्रा टेनी और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य पहुंचने वाले थे।”

पत्रकार के पिता ने शिक़ायत में आगे लिखा है कि -” सांसद के बेटे आशीष मिश्रा और पार्टी कार्यकर्ताओं ने मेरे बेटे को मार दिया। शिक़ायत में आगे लिखा गया है,” जो लोग घटनास्थल पर मौजूद थे उन्होंने बताया कि रमन संयुक्त किसान मोर्चा के नेता तजिंदर सिंह विर्क का वीडियो इंटरव्यू कर रहा था, तभी काफिले की एक कार तेजी से उसकी ओर आई।”

चश्मदीदों ने रमन के पिता को बताया कि रमन ने उस कार के फुटेज भी लिए जो किसानों को रौंद रही थी, जिसकी वजह से मेरे बेटे को गोली मारी गई। फुटेज में कथित तौर पर गोलियों की आवाज़ भी है।
वहीं मरहूम पत्रकार के भाई पवन कश्यप ने बताया कि जब परिवार ने भाई के शव को देखा तो निश्चित रूप से कहा जा सकता था कि उसकी मौत गोली लगने से हुई है। पवन ने बाताया, ‘उसके कंधे में खरोंच के निशान थे, सिर पर काफी चोट थी और सीने व दाहिने हाथ पर गोलियों के निशान थे।’

(जनचौक के विशेष संवाददाता सुशील मानव की रिपोर्ट।)

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