Friday, October 7, 2022

सरकार को नहीं सूझ रहा है कोई रास्ता, किसानों ने तेज किया आंदोलन

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कल केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और उनके सहयोगियों के साथ ही हरियाणा के डिप्टी चीफ मिनिस्टर दुष्यंत चौटाला और किसानों का एक समूह जो नये कानूनों का समर्थन करते हैं, के बीच बैठक हुई, लेकिन उसका भी कोई नतीजा नहीं निकला।

अपनी मांगों पर अड़े होने के साथ किसान नेताओं ने कहा कि वो सरकार से बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन शर्त यह है कि किसी और चीज से पहले तीनों कानूनों को रद्द करने के मुद्दे पर बातचीत करें। उन्होंने आंदोलन को और तेज करने की धमकी दी। तोमर के साथ इस बैठक के बाद अगली मीटिंग के बारे में पूछे जाने पर वाणिज्य और उद्योग मंत्री सोम प्रकाश ने कहा कि आखिर में हमें बैठक ही करनी है, इसके अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं है।

तोमर के साथ अपनी बैठक के बाद चौटाला ने कहा, “मुझे आशा है कि अगले 28 या फिर 40 घंटे के बाद एक और चक्र की वार्ता होगी और कोई निर्णायक बयान आ सकता है।” यह पूछे जाने पर कि क्या केंद्र एमएसपी के मसले पर दिए गए अपने लिखित बयान को कानूनी रूप भी दे सकता है, चौटाला ने कहा, “वो (किसान) क्या मांग करते हैं।”

सिंघू बार्डर पर एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष कंवलजीत सिंह पन्नू ने कहा कि पंजाब ने जयपुर-दिल्ली हाईवे पर ‘दिल्ली चलो’ के कार्यक्रम की घोषणा की है जो रविवार की सुबह राजस्थान के शाहजहांपुर से शुरू होगी। उन्होंने कहा कि किसान उनके आंदोलन में शामिल होने के लिए दूसरे राज्यों से भी आ रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने 14 दिसंबर को भूख हड़ताल पर भी जाने की घोषणा की है। पन्नू ने कहा, “अगर सरकार बातचीत करना चाहती है तो हम उसके लिए तैयार हैं, लेकिन हमारी मुख्य मांग है कि तीनों कानूनों को रद्द किया जाए…. जब तक इन कानूनों को रद्द नहीं किया जाता है, हम चौथी या फिर पांचवीं मांग पर नहीं जाएंगे।” उन्होंने एक बार फिर दोहराया कि कानून किसानों के लिए नहीं व्यापारियों के लिए बनाए गए हैं।

अपने दिल्ली दौरे में चौटाला की रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और रेलवे मंत्री पीयूष गोयल से भी मुलाकात हुई। इस दौरान बातचीत में उन्होंने कहा कि समाधान केवल बातचीत से ही निकलेगा। उन्होंने कहा कि उम्मीद पर दुनिया कायम है। हरियाणा के नेता ने कहा कि केंद्र का किसानों के साथ बातचीत करना और फिर 24 पेज का उनको उत्तर देना साबित करता है कि वह समाधाना चाहता है।

जेजेपी के 10 विधायकों के बीच विभाजन के संकेतों के बाद कांग्रेस द्वारा सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की रिपोर्टों के सवाल पर चौटाला ने कहा कि गठबंधन में किसी भी तरह की अस्थिरता नहीं है। “हम एमएसपी के मुद्दे पर दृढ़ हैं। जब तक मैं सरकार में हूं हम हर किसान को एमएसपी की गारंटी करेंगे।”

चौटाला के साथ अपनी बैठक के बाद तोमर ने बीकेयू (मान) के राज्य नेता गुनी प्रकाश के नेतृत्व में आए किसानों से बात की। इन नेताओं का कहना था कि ये सभी नये कानून का समर्थन करते हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने तोमर को अपना समर्थन पत्र दिया है।

उन्होंने कहा कि अगर सरकार इन कानूनों को खत्म करती है तो वो उसका विरोध करेंगे। ये सभी किसान पंजाब बीजेपी के अध्यक्ष अश्विनी कुमार शर्मा के साथ आए थे। इसके साथ ही चंडीगढ़ और पंजाब के बीजेपी के सांगठनिक महासचिव दिनेश कुमार भी उनके साथ थे। आपको बता दें कि बीजेपी में सांगठनिक महासिचव संघ का प्रतिनिधि होता है। इसके साथ ही बीजेपी से जुड़े कुछ और नेता भी इस बैठक में शरीक थे। इसके पहले कल किसानों ने हरियाणा से लेकर पंजाब तक टोल फ्री आंदोलन को पूरी तरह से सफल बनाया। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए किसान नेताओं ने लगों का धन्यवाद दिया है।

इस बीच रिपोर्ट आ रही है कि एक बार फिर पंजाब से आने वाले किसानों को हरियाणा में रोका जा रहा है। डबवाली, जींद से लेकर फतेहाबाद बार्डर पर कई जगहों पर किसानों को रोकने के लिए बैरिकेड्स लगाए गए और कई जगहों पर वाटर कैनन तक का इस्तेमाल किया गया। हालांकि किसानों ने ट्रैक्टरों की मदद से उन बड़े-बड़े बोल्डरों को हटा दिया और फिर अपना रास्ता बना लिया। इसके साथ ही साझा रूप से हार्वेस्टर का मार्च निकालने की योजना को किसानों ने रद्द कर दिया है।

हरियाणा किसान मंच के नेता गुरुप्रेम सिंह ने कहा कि हरियाणा, पंजाब के लिए रास्ता साफ कर देगा अगर उसकी सरकार सीमाओं को सील करने की कोशिश करती है तो। छोटा भाई बड़े भाई को परेशान नहीं होने देगा। क्रांतिकारी किसान यूनियन के महासचिव राजिंदर सिंह ने कहा, “मैं सचमुच में हतप्रभ हूं कि क्यों पंजाब के रहने वालों को हरियाणा बार-बार रोकने की कोशिश कर रहा है। हम पाकिस्तान से नहीं हैं।”

पन्नू ने कहा कि सरकार आंदोलन को कमजोर करने का प्रयास कर रही है, लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि किसान इस बात को सुनिश्चित करेंगे कि कोई हिंसा न हो। हालांकि डीजीपी यादव ने कहा कि हरियाणा की सीमाओं को सील नहीं किया गया है कि वैसे अगर इसकी जरूरत पड़ती है तो वैसा भी किया जाएगा।

(इंडियन एक्सप्रेस से इनपुट के साथ। सुशील मानव की रिपोर्ट।)

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