कतर में करोड़ों की डकैती : एक साल बाद कोझिकोड के भाजपा नेता ने सरेंडर किया

आईयूएमएल की एक कल्याणकारी संस्था के कतर स्थित कार्यालय में करोड़ों रुपयों की डकैती के एक साल बाद, कोझिकोड के एक भारतीय जनता पार्टी नेता ने सरेंडर किया है।

मिली जानकारी के अनुसार पिछले साल सितंबर में चार लोग कथित तौर पर केरल से कतर गए। वहां उन्होंने आईयूएमएल के ‘केरल मुस्लिम कल्चरल सेंटर’ दफ्तर की तिजोरी तोड़ी और 31 लाख कतरी रियाल (जो भारतीय रुपयों में लगभग 8 करोड़ रुपये के बराबर है) चुरा लिए, जिसके बाद वे वापस लौट आए। लगभग एक साल तक यह चोरी अनसुलझी रही, जबकि इस घटना और मामले की जांच के तरीके को लेकर कई सवाल उठने लगे थे।

लेकिन बुधवार को अचानक कोझिकोड के भारतीय जनता पार्टी के एक स्थानीय नेता नेलियाडी पराप्पिनकुन्यिल बालकृष्णन (60) ने कोझिकोड ग्रामीण जिले के कोइलंडी पुलिस स्टेशन जाकर कहा कि वह उन चार लोगों में शामिल था, जिन्होंने तिजोरी तोड़ी थी और केरल भेजी गई रकम चुराई थी। बालकृष्णन पिछले स्थानीय निकाय चुनावों में कोइलांडी नगर पालिका के वार्ड 3 से भाजपा प्रत्याशी था।

बालकृष्णन के बयान और पुलिस एफआईआर के अनुसार, लूट को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने ड्यूटी पर मौजूद ऑफिस बॉय को बांध दिया और स्ट्रॉन्ग रूम को तोड़ने के लिए गैस कटर का इस्तेमाल किया। बालकृष्णन ने, अपने कबूलनामे में जो उसके सरेंडर से पहले एक वीडियो क्लिप के जरिए भी सामने आया था, दावा किया कि उन्हें इस अपराध के लिए बहकाया गया और मजबूर किया गया।

पेशे से एक इंडस्ट्रियल वेल्डर, बालकृष्णन ने बताया कि कुछ परिचितों ने उससे संपर्क किया और कतर में वेल्डिंग का पक्का काम दिलाने का झांसा दिया।

बालकृष्णन के अनुसार उसने अपनी यात्रा के लिए लगभग 35,000 रुपये खर्च किए और लूट में शामिल अन्य संदिग्धों द्वारा प्रबंधित वीजा प्राप्त किया। इसके बाद, कोइलांडी के रहने वाले ‘बॉम्बे’ शाजी (शाहजहां) सहित एक समूह उन्हें दोहा ले गया। बालकृष्णन का दावा है कि वहां पहुंचने पर उसे एक लॉज जैसी जगह पर रखा गया और बाद में यह कहकर एक इमारत में ले जाया गया कि वहां कुछ मरम्मत का काम करना है। वहां पहुंचने पर उसे पता चला कि वह केएमसीसी का दफ्तर था।

बालकृष्णन ने बताया कि उसे लॉकर तोड़ने के लिए गैस कटर का इस्तेमाल करने के लिए मजबूर किया गया। अन्य साजिशकर्ता तो लाखों रियाल लेकर भाग गए, लेकिन बालकृष्णन का आरोप है कि उसे शुरुआत में 50,000 कतरी रियाल दिए गए और केरल लौटने पर 1.50 लाख रुपये और दिए गए।

इस घटना के बाद बालकृष्णन अपने घर लौट आया और बाद में स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा उम्मीदवार के तौर पर चुनाव भी लड़ा। उसने वीडियो में दावा किया कि पार्टी के बाकी कार्यकर्ताओं को इस चोरी के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। बुधवार को आत्मसमर्पण करने के बाद, मजिस्ट्रेट कोर्ट ने बालकृष्णन को कोयिलैंडी सब-जेल भेज दिया। वहीं, पुलिस बाकी पांच संदिग्धों – बॉम्बे शाजी, राशि, बावा (सालिह), मम्माली (हसन) और निसार – की तलाश कर रही है।

इस मामले में कुछ ऑडियो क्लिप्स भी सामने आई है जिनमें मुख्य संदिग्ध ‘बॉम्बे शाजी’ और ‘कमरू पय्योली’ के बीच लूटी गई रकम के बंटवारे को लेकर तीखी बहस और मोलभाव होता सुनाई दे रहा है।

इस बीच, बॉम्बे शाजी ने अग्रिम जमानत के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया है।

कोयिलंडी पुलिस ने डकैती के मामले में बीएनएस की धारा 309(4) और 3(5) के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस उप निरीक्षक किरण ए. ने बताया, “हमने यह मामला इसलिए दर्ज किया क्योंकि यह एक बड़ी डकैती थी और आरोपी ने खुद सरेंडर कर दिया। फिलहाल हमारे पास डिजिटल सबूत मौजूद हैं। हम इन ऑडियो क्लिप्स की सच्चाई की जांच कर रहे हैं। वहीं, कोझिकोड और पय्योली इलाके में फरार चल रहे बाकी पांच संदिग्धों की तलाश जारी है।”

(फोटो साभार : मेट्रो वार्ता)

(जनचौक ब्यूरो)

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