इंदौर प्रेस क्लब में बजरंग दल का तांडव, देवास के आदिवासियों और हाउल ग्रुप के सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट पर प्रशासन की चुप्पी

इंदौर। देवास जिले के शुक्रवासा में शैक्षणिक और स्वास्थ्य गतिविधियां संचालित करने वाले स्वयंसेवी संगठन के सौरव बनर्जी और उनके साथियों के साथ इंदौर प्रेस क्लब में असामाजिक तत्वों द्वारा की गई मारपीट की नागरिक समिति, इंदौर ने कड़े शब्दों में निंदा की है। समिति ने इस घटना की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। नागरिक समिति के संयोजक रामस्वरूप मंत्री और सामाजिक कार्यकर्ता राहुल निहुरे ने अपने बयान में कहा कि यह घटना न केवल निंदनीय है, बल्कि इंदौर प्रशासन के लिए भी एक तमाचा है। आरोपियों की अभी तक गिरफ्तारी न होना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है।

मंत्री और निहुरे ने बताया कि देवास जिले की पर्वतपुरा पंचायत के ग्राम शुक्रवासा में पिछले पांच वर्षों से इंदौर के पत्रकार सौरव बनर्जी अपने कुछ साथियों के साथ सामाजिक कार्यों में जुटे हुए हैं। वे ‘हाउल ग्रुप’ नामक सामाजिक संगठन के माध्यम से आदिवासी बच्चों को शिक्षा प्रदान करने और आदिवासियों के स्वास्थ्य के लिए गांव में एक स्वास्थ्य केंद्र संचालित करते हैं। इस कार्य में कई डॉक्टर, युवा छात्र और शिक्षक जुड़े हुए हैं। उनकी गतिविधियां लगातार बढ़ रही थीं और उन्होंने आदिवासियों का विश्वास भी अर्जित किया था। हाल के पंचायत चुनाव में उन्होंने एक प्रत्याशी का समर्थन किया था, जिसके कारण भाजपा समर्थित प्रत्याशी को हार का सामना करना पड़ा।

इस बात से कथित तौर पर सत्ताधारी दल के कुछ लोग नाराज थे और वे बनर्जी को क्षेत्र से हटाने के प्रयास में जुटे थे। इसी के चलते 22 जुलाई को उनके केंद्र पर हमला हुआ और देवास पुलिस ने उनके पांच साथियों को अवैधानिक रूप से गिरफ्तार किया। पुलिस ने गिरफ्तारी का कारण स्पष्ट नहीं किया।

भाजपा से जुड़े बजरंग दल के कुछ लोगों ने बनर्जी और उनके साथियों पर धर्मांतरण का आरोप लगाया। इन आरोपों का खुलासा करने के लिए उन्होंने 24 जुलाई 2025 को इंदौर प्रेस क्लब में एक पत्रकार वार्ता आयोजित की थी। इस दौरान कुछ असामाजिक तत्वों ने पहले पत्रकार वार्ता में हंगामा कर उसे बाधित किया और बाद में प्रेस क्लब परिसर में ही सौरव बनर्जी और अन्य महिला-पुरुष सदस्यों के साथ मारपीट की।

इस घटना के बाद सौरव बनर्जी और उनके साथी सामाजिक कार्यकर्ता राहुल निहुरे के साथ इंदौर समाचार प्रेस पहुंचे। वहां उन्होंने समाजवादी पार्टी के प्रदेश महासचिव और वरिष्ठ पत्रकार रामस्वरूप मंत्री सहित अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं को अपनी आपबीती सुनाई और शुक्रवासा में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने सहयोग की अपील भी की। जब राहुल निहुरे और रामस्वरूप मंत्री वहां से चले गए, तब असामाजिक तत्व फिर से इंदौर समाचार प्रेस पहुंचे और सौरव बनर्जी और उनके साथियों, जिसमें महिलाएं भी शामिल थीं, के साथ मारपीट की। इसके थोड़ी देर बाद देवास पुलिस वहां पहुंची और सौरव बनर्जी सहित उनके साथियों को पुलिस वाहन में बैठाकर देवास ले गई।

नागरिक समिति ने बताया कि पिछले पांच वर्षों से हाउल ग्रुप शुक्रवासा गांव में गरीब, आदिवासी, किसान और मजदूर समुदाय के सामाजिक उत्थान के लिए कार्यरत है। उनकी प्रगति से परेशान कुछ भ्रष्ट और असामाजिक तत्व संगठन के सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजनों को लगातार बाधित करने में लगे हैं, क्योंकि इसमें उनका निहित स्वार्थ प्रभावित हो रहा है।

नागरिक समिति, इंदौर के संयोजक रामस्वरूप मंत्री और राहुल निहुरे ने सौरव बनर्जी और उनके साथियों के साथ हुई मारपीट और अवैधानिक गिरफ्तारी की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री से इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने और कानून को हाथ में लेने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसी कार्रवाई नहीं हुई, तो नागरिकों का कानून-व्यवस्था पर से भरोसा उठ जाएगा। साथ ही, उन्होंने इंदौर प्रशासन और पुलिस अधिकारियों की इस घटना के प्रति चुप्पी पर भी आपत्ति जताई और इसे इंदौर जैसे जागरूक शहर के लिए शर्मनाक बताया।

(रामस्वरूप मंत्री, संयोजक, नागरिक समिति, इंदौर)

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