वोटर अधिकार यात्रा से बिहार ही नहीं देश भर में है बदलाव की उम्मीद 

बिहार में विगत 17 अगस्त से प्रारंभ वोटर अधिकार यात्रा का 1 सितम्बर को पटना में समापन हुआ जिसकी कामयाबी की चर्चा ना केवल बिहार में है बल्कि देश भर में है। हालांकि पालतू मीडिया ने ऐसी खबर से दूरी बना के रखी। लेकिन सोशल मीडिया में इस यात्रा को देश में बदलाव की आंधी माना जा रहा है।

इस यात्रा को रोकने, जनसैलाब पर दबाव डालने के लिए जैश-ए-मोहम्मद के तीन आतंकियों के चित्र भी जारी किए गए ये भी बताया गया कि वे नेपाल के रास्ते बिहार में दाखिल हो चुके हैं। दूसरी ओर राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी को बदनाम करने के लिए भाजपा के एक कार्यकर्ता ने राहुल गांधी के लिए बनाए गए मंच का दुरुपयोग कर पीएम की दिवंगत मां को अपशब्द कहे। बिहार पुलिस ने उसे गिरफ्तार भी कर लिया है। विदित हो दरभंगा के उस मंच से राहुल संबोधित कर आगे निकल चुके थे। इस बात को मोदी मीडिया ने खूब उछाला और भाजपा ने राहुल गांधी से माफ़ी मांगने के लिए कहा।

असलियत छुपाई गई। उसके बाद सदाकत आश्रम स्थित कांग्रेस कार्यालय में लाठी डंडों से लैस भाजपाई गुंडों ने एक घंटे इस मुद्दे को लेकर खूब कोहराम मचाया। एक भाजपाई  युवा राहुल गांधी की कार के बोनट पर भी चढ़ गया जिसे सुरक्षा गार्ड ने पकड़ लिया। चार भाजपा के युवाओं ने राहुल को काले झंडे दिखाए तो उन्होंने गाड़ी रुकवाई। उन्हें बुलाया तीन भागे एक पकड़ में आया उससे राहुल ने बात की वह मुरीद हो गया।

यात्रा के अंतिम चरण में भारी पुलिस इंतजाम के बीच गांधी मैदान से पद यात्रा निकाली गई। डाक बंगले के पास सभा हुई। लाखों लोगों की उपस्थिति इस कार्यक्रम में रही। जिसे देखकर यह लग रहा है कि राहुल, अखिलेश और तेजस्वी की तिकड़ी बहुत बड़ी ताकत बन के उभर रही है। वामदलों का भरपूर समर्थन मिला। दीपंकर भट्टाचार्य जी तो यात्रा के प्रारंभ से लेकर अंत तक अपनी  महत्वपूर्ण उपस्थिति बनाए रहे क्योंकि बिहार में आज भी कम्युनिस्ट सबसे अधिक सम्मानित हैं। बड़ी तादाद है उनकी।

इसलिए यह कयास लगाए जा रहे हैं कि यह यात्रा जनमानस में एक नवीन चेतना के साथ प्रभावशाली मानी जा रही है। जिसके प्रभाव से भाजपा शासित राज्यों में नकेल डाली जा सकती है। इसके उदाहरण मध्य प्रदेश और राजस्थान के साथ असम में देखने को मिल रहे हैं। मध्य प्रदेश में वोट चोरी अभियान ने इतनी तेज़ी पकड़ी है कि प्रदेश पार्टी अध्यक्ष जीतू पटवारी की गाड़ी पर भाजपा के गुंडों ने हमला कर दिया और उनका पुतला जला दिया।

वे चोरी पर नहीं बोल रहे वे मोदी जी की मां को कांग्रेस द्वारा गाली देने के झूठ को फ़ैला कर कांग्रेस के खिलाफ वातावरण बनाने की कोशिश कर रहे थे। भाजपा की महिलाओं ने तो राहुल गांधी की शवयात्रा भी इस झूठी बात पर निकाली है। यह बताता है कि इनके पास वोट चोरी के खिलाफ कोई मुद्दा नहीं है। इसलिए झूठ की दीवार खड़ी कर रहे हैं।

ये हरकतें बता रही हैं कि भाजपा की ज़मीन हिल चुकी है। यहां तक कि मध्य प्रदेश के बड़े भाजपाई भी कांग्रेस की ओर बढ़ने की चेष्टा कर रहे हैं। ग्वालियर महाराज ने जिस तरह से अपने घोर विरोधी दिग्विजय सिंह को मंच से उतरकर उन्हें मंच पर बैठाया वह ऐसे संकेत देता है।

राहुल गांधी का अपने समापन भाषण में यह कहना कि अभी एटम बम फूटा है जब हाईड्रोजन बम फूटेगा तो क्या होगा? इस बात की ताकीद देता है कि वोटर अधिकार यात्रा देश भर में चलेगी और तमाम वोट चोरियों की पोल खोलेगी।जिसकी तैयारी हर जगह कांग्रेस ने कर ली है।

बिहार में एसआईआर मामले में जो कामयाबी वोटर को मिली है उसके पीछे बिहार के लोगों का वोटर अधिकार यात्रा को मिलने वाला समर्थन ही है। अब हटाए गए 65 लाख लोग आधार कार्ड जैसे दस्तावेज के आधार पर वोट डाल सकेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया है कि नागरिकता और वोट के अधिकार का सवाल चुनाव के ठीक पहले उठाया जाना अनुचित है।

इससे बिहार के वोटर प्रसन्न हैं। अब उनका ध्यान आगत चुनाव में ज़रूर रहेगा ताकि वोट चोरी ना हो सके।

कुल मिलाकर इस यात्रा ने भाजपा को तिलमिला कर रख दिया है अब देखना यह है कि वह अब कौन सा तीर इसको मात देने के लिए इस्तेमाल करती है। वोट चोर गद्दी छोड़ नारा तो अब देश-विदेश तक धूम मचाए हुए है।

(सुसंस्कृति परिहार लेखिका और एक्टिविस्ट हैं।)

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