Wednesday, December 7, 2022

प्रदीप सिंह

बुद्धिजीवियों और एक्टिविस्टों ने एक सुर में बोला- जीएन साईबाबा को रिहा करो

नई दिल्ली। दिल्ली स्थित हरकिशन सिंह सुरजीत ऑडिटोरियम कल पांच दिसंबर को छात्रों, प्राध्यापकों और बुद्धिजीवियों से भरा था। माहौल में संजीदगी थी। सोमवार को माओवादियों से साठ-गांठ के आरोप में सालों से जेल में कैद प्रो. जीएन साईबाबा,...

जुगनू शारदेय: स्वाभिमान का सूरज और यायावरी का बादल

जुगनू शारदेय अब इस दुनिया में नहीं हैं। दिल्ली के बदरपुर बॉर्डर श्मशान घाट पर जब उनकी चिता ठंडी हो गयी तब वरिष्ठ पत्रकार अनिल सिन्हा के फेसबुक पोस्ट से पता चला कि अद्भुत जीवन जीने और अनूठी शख्सियत...

क्या कल्याण सिंह की राह पर चल पड़े हैं योगी आदित्यनाथ

देश के सबसे बड़े प्रदेश में सत्तारूढ़ दल के अंदर मचे घमासान पर देश भर की निगाहें लगी हैं। योगी मंत्रीमंडल के विस्तार और विधानसभा चुनाव-2022 की तैयारी को लेकर शुरू हुई बैठक ने सत्ता परिवर्तन का रूप ले...

भावनाओं को भड़काने में सिद्धहस्त संघ-भाजपा को नहीं है बुनियादी सवालों को हल करने का अनुभव

कोविड-19 से होने वाली मौतों का सिलसिला अभी खत्म नहीं हुआ है; यह सच है कि सरकारी आंकड़ों में कोरोना से होने वाली मौतों में गिरवाट आयी है। लेकिन देश अभी भी कोरोना के आतंक के साए में जी...

मोदी के जन्मदिन पर अकाली दल का ‘तोहफा’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शान में उनके मंत्री जब ट्विटर पर बेमन से कसीदे काढ़ रहे थे, उस समय देश में दो घटनाएं परवान चढ़ रही थीं। पहला देश भर में छात्र, युवा और किसान मोदी के जन्मदिन को...

एक बीमार समाज से स्वामी अग्निवेश का जाना

स्वामी अग्निवेश अंतत: दुनिया से कूच कर गये। स्वामी जी लंबे समय से बीमार थे और कुछ दिनों पहले उन्हें दिल्ली के इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलेरी साइंसेज (आईएलबीएस) में भर्ती कराया गया था। पिछले डेढ़ वर्षों से आईएलबीएस...

तेलुगु श्याम राव का हरियाणवी स्वामी अग्निवेश बनना

(सामाजिक कार्यकर्ता स्वामी अग्निवेश का आज दिल्ली में निधन हो गया। लंबे समय से वह बीमार थे और कुछ दिनों पहले उन्हें दिल्ली के इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलेयरी साइंसेज (आईएलबीएस) में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों के मुताबिक,...

प्रतिभा किसी कुल की दास नहीं होती: अल्पना मिश्र

अल्पना मिश्र को हिंदी का ‘अनकन्वेंशनल राईटर’ माना जाता है। भाषा की ताज़गी, विलक्षणता और लेखन में लोक रंग की उपस्थिति साहित्य की दुनिया में उनको एक अलग पहचान देती है। कथाकार अल्पना मिश्र से प्रदीप सिंह की बातचीत...

वाद और विचारधारा का बंदी नहीं है साहित्य: गीतांजलि श्री

गीतांजलि श्री हिन्दी की जानी-मानी कथाकार और उपन्यासकार हैं। अब तक उनके पांच उपन्यास और पांच कहानी संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं; तीन उपन्यासों का फ्रेंच में अनुवाद हुआ है। हाल ही प्रकाशित ‘रेत समाधि’ उनकी बहुचर्चित कृति है।...

मोदीराज बीजेपी का “स्वर्ण काल” नहीं “गुप्त काल” है

संसदीय लोकतंत्र में संख्या बल का बहुत महत्व होता है। लोकसभा और विधान सभा में बहुमत वाले दल की ही सरकार बनती है। संसदीय लोकतंत्र में चुनावी जीत और फिर सरकार गठन किसी भी राजनीतिक दल के विकास का...

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लेखक डेढ़ दशक से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और जनचौक के राजनीतिक संपादक हैं।
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