प्रफुल्ल कोलख्यान

प्रधानमंत्री की आंख में आंसू और लोकतंत्र

 ‎आजकल ‎चुनाव आयुक्तों की चर्चा जोर-शोर से हो रही है। पूर्व मुख्य चुनावआयुक्त ‎एस.वाई. कुरैशी ने अपनी पुस्तक India and I: A Hundred Memories, Not a ‎Memoir का एक मार्मिक प्रसंग का उल्लेख किया है। ‎ जनवरी 2012… Read More

भावनाओं से संभावनाओं तक 2027 में उत्तर प्रदेश 

दिन-प्रति-दिन लोकतंत्र की चुनौतियां बढ़ती जा रही है। ‎2027 में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा तथा मणिपुर… Read More

न पक्ष, न विपक्ष सब समकक्ष, तुम्हारी पॉलिटिक्स क्या है पार्टनर?

भारतीय जनता पार्टी के शासन काल में लोकतंत्र और लोकतांत्रिक मूल्यों, परंपरा, मान्यताओं और न्याय के सभी… Read More

लोकतंत्र खतरे में! नामी-गिरामी और जाने-माने बुद्धिजीवी क्या कहते हैं!

निश्चित रूप से देश विभिन्न मोर्चों पर जूझ रहा है। खासकर लोकतांत्रिक मोर्चा पर सियासी तूफान और… Read More