Sunday, May 29, 2022

एसआर दारापुरी

नये रेडिकल विकल्प की तलाश में है बहुजन राजनीति

डा. अंबेडकर दलित राजनीति के जनक माने जाते हैं। उन्होंने ही गोलमेज कांफ्रेंसों में दलितों को राजनीतिक अधिकार दिए जाने की मांग उठाई तथा गांधी जी के कड़े विरोध के बावजूद दलितों को हिंदुओं से अलग अल्पसंख्यक वर्ग का...

अधिकार और कर्तव्य: ‘पीएम मोदी को इतनी चिंता किस बात की…’

पिछले सप्ताह प्रधानमंत्री द्वारा कही गई दो बातों ने मुझे चिंतित कर दिया। दोनों एक भाषण में थे जो उन्होंने वस्तुतः ब्रह्मा कुमारियों की एक सभा में दिया था। यह हिंदू ननों का पंथ है जो ब्रह्मचर्य, संयम, ध्यान और सफेद...

आरक्षण योग्यता के विपरीत नहीं : सुप्रीम कोर्ट ने नीट में 27 प्रतिशत ओबीसी कोटा बरकरार रखा

पीठ ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाएं समय के साथ कुछ वर्गों को अर्जित आर्थिक सामाजिक लाभ को नहीं दर्शाती हैं और उस योग्यता को सामाजिक रूप से प्रासंगिक बनाया जाना चाहिए। यह रेखांकित करते हुए कि "आरक्षण योग्यता के विपरीत...

जाति आधारित भेदभाव और शक्ति समीकरण

"मुझे लगता है कि समस्या यह है कि अमेरिका में बहुत से लोग सोचते हैं कि नस्लवाद एक रवैया है। और यह पूंजीवादी व्यवस्था द्वारा प्रोत्साहित किया जाता है। इसलिए वे सोचते हैं कि लोग जो सोचते हैं वह...

मनुस्मृति दहन दिवस: डॉ. आंबेडकर ने लिया था ब्राह्मणवाद के खात्मे का संकल्प

आज 25 दिसम्बर है। यह दलितों के लिए "मनुस्मृति दहन दिवस" के रूप में अति महत्वपूर्ण दिन है। इसी दिन ही सन 1927 को "महाड़ तालाब" के महा संघर्ष के अवसर पर डॉ बाबा साहेब भीम राव अम्बेडकर ने...

पुण्यतिथि पर विशेष: एक सच्चे अम्बेडकरवादी थे भगवान दास

                   भगवान दास का जन्म 23 अप्रैल, 1927 को जुतोग छावनी, शिमला (हिमाचल प्रदेश) में रहने वाले एक अछूत परिवार में हुआ था। उन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान रॉयल इंडियन एयर फोर्स में सेवा की और विमुद्रीकरण के...

क्या मौजूदा दौर दलित राजनीति का स्वर्णिम युग है?

हाल में एक साक्षात्कार में चंद्रशेखर आजाद उर्फ रावण ने कहा है कि वर्तमान दलित राजनीति का स्वर्णिम काल है। वैसे आज अगर दलित राजनीति की दशा और दिशा देखी जाए तो यह कहीं से भी उसका स्वर्णिम काल...

भारत में हर रोज पुलिस अभिरक्षा में क्यों होती हैं मौतें?

अंग्रेजों के द्वारा बनाई और उसी समय के पुलिस एक्ट से चल रही भारतीय पुलिस हर रोज अपनी क्रूरता, निरंकुशता एवं कानून विरोधी गतिविधियों के लिए खबरों एवं चर्चा में बनी रहती है। परन्तु हाल में यह अमेरिका में...

दारापुरी ने दिखाया अपूर्वानंद को आईना, कहा- खारिज करने की नहीं, लेनिन से सीखने की जरूरत

इंडियन एक्सप्रेस में इधर किसी लेख के जवाब में लेखक, अध्यापक और सामाजिक कार्यकर्ता अपूर्वानंद की टिप्पणी पर नजर पड़ी, पहले तो मुझे लगा की शायद लेखक कह रहे हैं कि लेनिन के क्रांति के मॉडल को भारत में दोहराने की...

अंबेडकर जयंती पर विशेष: कोरोना संकट के दौर में दलित परिदृश्य

2011 की आर्थिक एवं जाति जनगणना के अनुसार भारत के कुल परिवारों में से 4.42 करोड़ परिवार अनुसूचित जाति (दलित) से सम्बन्ध रखते हैं। इन परिवारों में से केवल 23% अच्छे मकानों में, 2% रहने योग्य मकानों में और...

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