संस्कृति-समाज

जन्मशती वर्ष विशेष: विचारधारा और मनोरंजन के ‘संगम’ ने बनाया राजकपूर को कामयाब डायरेक्टर

राजकपूर, हिंदी सिनेमा के पहले शोमैन थे। जिनकी नीली आंखों में सतरंगी सपने थे। वो आम आदमी… Read More

पुण्यतिथि विशेष: मौजूदा दौर में और भी प्रासंगिक हुए डॉ. अंबेडकर

आज के दौर में जब सामाजिक-आर्थिक असमानता बढ़ रही है। लोकतंत्र और संविधान संकट में हैं। समाजवाद… Read More

पुस्तक समीक्षा : ‘झारखंड के चमकते सितारे’ एक उपयोगी दस्तावेज़ है

भारतीय स्वाधीनता संग्राम के आरंभिक काल में ही झारखंड क्रांतिकारियों की भूमि रहा है। संताल हूल और… Read More

अली सरदार जाफ़री का जन्मदिवस: लोग साथ आते रहेंगे और कारवां बनता रहेगा

तरक़्क़ीपसंद तहरीक और अदब पर ऐतराज़ात पहले भी होते थे, आज भी होते हैं और आइंदा भी… Read More

ढाई आखर : सिनेमा की एक अर्थवान भाषा गढ़ने की कोशिश

हिन्दी में ऐसी बहुत कम फ़िल्में बनती हैं जिन्हें देखते हुए उसी सर्जनात्मकता और सौन्दर्य-बोध का एहसास… Read More