संस्कृति-समाज

पुस्तक समीक्षा-दावानल: इन्साफ़ की गैरमौजूदगी में बस्तर का सच दर्ज करने की बेहतरीन कोशिश

विख्यात समाजशास्त्री नन्दिनी सुन्दर बस्तर की गंभीर अध्येता हैं। वह बस्तर के सघन जंगली इलाकों में बहुत… Read More

पुस्तक समीक्षा : जातियों का इतिहास बताती ‘जातियों की आत्मकथा’

भारतीय समाज में खासकर हिंदू संप्रदाय में जाति की जकड़न बहुत जटिल है। प्राचीन समय में ब्राह्मण वर्ग… Read More

दुनिया देश और समाज : रिश्‍तों में मिठास नहीं क्‍यों आज?

आजकल हमारे रिश्‍तों-नातों में मिठास की कमी महसूस हो रही है। दिवाली जैसे त्‍योहार में औपचारिकतावश मिठाई… Read More