संस्कृति-समाज

मैनेजर पाण्डेय की जयन्ती पर शोध पुस्तक ‘दारा शुकोह : संगम संस्कृति का साधक’ का हुआ लोकार्पण

नई दिल्ली। समाज इन दिनों तरह-तरह की संकीर्णताओं और कट्टरताओं से रूबरू है। इन स्थितियों से निपटने… Read More

अभिनव क़दम: भारतीय किसान और उनकी समस्याओं पर दस्तावेज़ी अंक

जयप्रकाश ‘धूमकेतु’ के संपादन में बीते ढाई दशक से निरंतर निकल रही ‘अभिनव क़दम’, हिन्दी साहित्य की… Read More

शहीद दिवस विशेष: यतींद्रनाथ दास की शहादत और भ्रष्ट जेल मैनुअल

आज अमर शहीद क्रांतिकारी यतींद्रनाथ दास की शहादत दिवस है। 27 अक्टूबर, 1904 को जन्मे क्रांतिकारी राह… Read More

स्मृति दिवस विशेष: फ़िक्र तौंसवी का लेखन, एक बेहतर समाज बनाने की फ़िक्र से निकला है

आम धारणा यह है कि उर्दू ज़बान मुसलमानों की भाषा है और यह ज़बान कहीं और से… Read More

“मैं क्यूं जाऊं अपने शहरः 1984 कुछ सवाल कुछ जवाब”: सिख जनसंहार पर आधारित पुस्तक पर चर्चा

नई दिल्ली। द वायर के मुख्य संस्थापक संपादक सिद्धार्थ वरदराजन ने कहा कि “1984 के कत्लेआम को… Read More

जन्मदिवस विशेष: थोड़े में बहुत कुछ कहने वाला अफसानानिगार राजिंदर सिंह बेदी

उर्दू अफ़्सानवी अदब बात हो, और वह राजिंदर सिंह बेदी के नाम के ज़िक्र के बिना ख़त्म… Read More

चाकू समय में हथेलियां: लोकतांत्रिक स्पेस तलाशती स्त्रियों की कहानियां

इन कहानियों में एक बेकरार दौर है। बेकरार दिल की बेकरार कहानियां हैं। लोकतांत्रिक स्‍पेस तलाशने की… Read More

पुस्तक समीक्षा: ‘अधूरे’ एक रूपक है, इंसानी ज़िंदगी के अधूरेपन का

‘अधूरे’ तेलुगु कहानी संग्रह है, जिसका हिंदी अनुवाद डॉ. एस.के. साबिरा ने किया है। संग्रह की सारी… Read More