देश की आज़ादी लाखों-लाख लोगों की क़ुर्बानियों का नतीजा है। जिसमें लेखक, कलाकारों और संस्कृतिकर्मियों ने भी… Read More
संस्कृति-समाज
“वो आसमां झुक रहा है ज़मीं पर,यह मिलन हमने देखा यहीं पर,मेरी दुनिया, मेरे सपने शायद मिलेंगे… Read More
दौसा, राजस्थान। बचपन में एक गाना सुना करता था- “एक बांग्ला बने न्यारा “। जीवन के अंतिम चरण… Read More
राहत इंदौरी बेहद आन-बान और शान वाले शायर थे। पूरे तीन दशक तक मुशायरों में उनकी बादशाहत… Read More
विश्व मूल निवासी दिवस, विश्व में रहने वाली पूरी आबादी के मूलभूत अधिकारों (जल, जंगल, जमीन) को… Read More
9 अगस्त को अंतर्राष्ट्रीय आदिवासी दिवस मनाया जाएगा, यह निर्णय संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 23 दिसंबर 1994… Read More
‘जनचौक’ पर प्रेमचंद की बहुचर्चित और बहुविवादित कहानी ‘कफन’ पर डा. सिद्धार्थ की समीक्षा को पढ़ा। वह… Read More
मसाला फिल्मों की भीड़ में जगह बनाना सबसे मुश्किल काम है। ऐसे में कोई फिल्म तमाम दिक्कतों… Read More
हिन्दी-उर्दू साहित्य में कथाकार प्रेमचंद का शुमार, एक ऐसे रचनाकार के तौर पर होता है, जिन्होंने साहित्य की पूरी… Read More
सृजनात्मक साहित्य के महान से महान लेखक सफल और असफल होते रहे हैं। दुनिया के महान उपन्यासकारों… Read More