संस्कृति-समाज

स्वतंत्रता दिवस विशेष: जब लेखकों-कलाकारों ने अवाम में जगाया आज़ादी का अलख

देश की आज़ादी लाखों-लाख लोगों की क़ुर्बानियों का नतीजा है। जिसमें लेखक, कलाकारों और संस्कृतिकर्मियों ने भी… Read More

अंतर्राष्ट्रीय आदिवासी दिवस: प्राकृतिक संसाधनों के भरोसेमंद संरक्षक हैं आदिवासी

9 अगस्त को अंतर्राष्ट्रीय आदिवासी दिवस मनाया जाएगा, यह निर्णय संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 23 दिसंबर 1994… Read More

‘कफन’ की सफलता-असफलता और कहानी के पाठ की समस्या

‘जनचौक’ पर प्रेमचंद की बहुचर्चित और बहुविवादित कहानी ‘कफन’ पर डा. सिद्धार्थ की समीक्षा को पढ़ा। वह… Read More

फिल्म समीक्षा: उम्मीद जगाती एक उत्कृष्ट फिल्म ‘मानिक बाबूर‌‌ मेघ’

मसाला फिल्मों की भीड़ में जगह बनाना सबसे मुश्किल काम है। ऐसे में कोई फिल्म तमाम दिक्कतों… Read More

प्रेमचंद के साहित्य में प्रतिरोध के स्वर

हिन्दी-उर्दू साहित्य में कथाकार प्रेमचंद का शुमार, एक ऐसे रचनाकार के तौर पर होता है, जिन्होंने साहित्य की पूरी… Read More