संस्कृति-समाज

स्मृति दिवस:  क्या इब्राहिम अल्काज़ी के बिना आधुनिक रंगमंच का तसव्वुर किया जा सकता है?

इब्राहिम अल्काज़ी रंगमंच की दिग्गज शख़्सियत थे। उनके बिना आधुनिक भारतीय रंगमंच का तसव्वुर नहीं किया जा… Read More

आजादी के पहले का भारत समझना है तो प्रेमचंद, आजादी के बाद का भारत समझना है तो परसाई को पढ़ें

इंदौर। आजादी के पहले का हिंदुस्तान समझने के लिए प्रेमचंद को पढ़ना जरूरी है। अंग्रेजों और उनसे… Read More

फिल्म ओपेनहाइमर: प्रतिभा, बलिदान और मानवता की कहानी

दूरदर्शी फिल्म निर्माता क्रिस्टोफर नोलन द्वारा निर्देशित ओपेनहाइमर एक संपूर्ण सिनेमाई उत्कृष्ट कृति है जो दर्शकों को… Read More

मोदीराज में प्रेमचंद की किताबों की सरकारी खरीद में धीरे-धीरे कटौती

फासीवादी ताकतें कई प्रणालियों में काम करती हैं। पहली, गुप्त प्रणाली यानी खामोशी से उन चीजों/शख्सियतों को… Read More

जन प्रतिरोध की आवाज 67 साल से कैद अमेरिकी राजनीतिक बंदी रुचेल मागी की रिहाई के मायने

फैज़ साहब ने लिखा है  यूं ही हमेशा उलझती रही है ज़ुल्म से ख़ल्क़ न उनकी रस्म… Read More

दो बीघा ज़मीन: बिमल रॉय की ऑल टाइम क्लासिक फ़िल्म के सात दशक

भारतीय सिनेमा में बिमल रॉय का शुमार बा-कमाल निर्देशकों में होता है। उन्होंने न सिर्फ़ टिकिट खिड़की… Read More

हेनरी डेविड थोरो जन्मदिन विशेष: सादगी हो, पर सियासत के नाम पर नहीं

सादगी दिवस की शुरुआत लेखक और दार्शनिक हेनरी डेविड थोरो के सम्मान में की गई थी। डेविड… Read More