दुनिया की सभी सरकारों ने 2030 तक जेंडर समानता का वादा किया था (5वाँ सतत विकास लक्ष्य)। 2030 के इन वादों… Read More
बीच बहस
शांति दूत की खाल ओढ़े हुए साम्राज्यवादी भेड़िया अंततोगत्वा अपने असली रूप में सामने आ गया है।… Read More
सुप्रीम कोर्ट ने उमर खालिद और शरजील इमाम को ज़मानत देने से इंकार कर दिया है, जबकि… Read More
भारतीय संविधान को आजादी के संघर्ष के मूल्यों के आधार पर गढ़ा गया है। संविधान सभा, जो मोटे… Read More
लोकतांत्रिक समाज में पत्रकारिता को “चौथे स्तंभ” के रूप में देखा जाता है, जिसकी भूमिका केवल सूचना… Read More
एक मित्र हुआ करते थे, जो संघी थे लेकिन बुद्धिहीन भक्त नहीं थे। एक तो वर्किंग क्लास… Read More
“समाचार वही है जो कोई कहीं दबाना चाहता है, बाक़ी सब विज्ञापन है।” – अल्फ्रेड हर्म्सवर्थ, डेली… Read More
5 जनवरी को आए सुप्रीम कोर्ट के आदेश ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया… Read More
(मौजूदा समय में मनोरंजन और फिल्म की दुनिया में वेबसीरीज ने अपनी एक अलग ही पहचान कायम… Read More
रविवार की सुबह जब मैंने ‘द संडे एक्सप्रेस’ को उठाया तब सबसे पहले वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस… Read More