बकौल मुक्तिबोध प्रगतिशील लेखकों को अभिव्यक्ति के ख़तरे उठाने ही होंगे!

प्रगतिशील साहित्य ‘विज्ञान से प्रेम’ और ‘कला जनता के लिए’ इन दो सिद्धन्तों को मिलाकर चलता है।… Read More

सबरीमाला: सुप्रीम कोर्ट ने कहा- धर्म में अंधविश्वास क्या है, इसका फैसला करने का हमें अधिकार 

सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश से जुड़े 2018 के फैसले के बाद सुप्रीम कोर्ट अब धर्म के भीतर… Read More

‘सत्य को बयां करने के रास्ते की मुश्किलों के बारे में’ क्या लेखक सचेत और सक्रिय हैं?

(जनवादी लेखक संघ, दिल्ली के 10 वें राज्य सम्मेलन (4 अप्रैल 2026)  में प्रस्तुत वक्तव्य का संशोधित… Read More

सबरीमाला मंदिर में महिलाओं को प्रवेश की अनुमति देने वाला फ़ैसला ग़लत : केंद्र

सबरीमाला मामले की सुनवाई के दौरान, केंद्र सरकार ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट से कहा कि 2018 का… Read More

तमिल नाडु हिरासत में मौत मामले में निर्णय के मायने : कानून का शासन सैद्धांतिक अवधारणा नहीं, व्यवहारिक अनिवार्यता

तमिलनाडु के सथानकुलम कस्टोडियल डेथ (हिरासत में मौत) प्रकरण में दिया गया हालिया न्यायिक निर्णय केवल एक… Read More