Skip to content

जनचौक

  • Home
  • राजनीति
  • बीच बहस
  • ज़रूरी ख़बर
  • आंदोलन
  • संस्कृति-समाज
  • राज्य
  • जलवायु
  • Ground Report
  • Home
  • राजनीति
  • बीच बहस
  • ज़रूरी ख़बर
  • आंदोलन
  • संस्कृति-समाज
  • राज्य
  • जलवायु
  • Ground Report

जनचौक

  • Home
  • राजनीति
  • हैकर्स ने पीएम मोदी के अकाउंट को हैक कर बेच दिया बिटक्वाइन्स, पूछा जा रहा है-कहां है चौकीदार?
राजनीति

हैकर्स ने पीएम मोदी के अकाउंट को हैक कर बेच दिया बिटक्वाइन्स, पूछा जा रहा है-कहां है चौकीदार?

  • by Janchowk
  • December 12, 2021December 12, 2021
  • 1 minute
  • 0

“जब हैकर्स मोदी जी के एकाउंट से, बिटक्वाइन्स बेच रहे थे, तो चौकीदार कहाँ था?” यह सवाल उठाया है ऑल इंडिया यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी वी श्रीनिवास ने। 

यही नहीं उन्होंने आगे कहा है कि “संयोग था या प्रयोग। हैकर्स को भी पता था कि भारत में बिटक्वाइन्स बेचने के लिए सबसे बड़ा सेल्स मैन कौन है”?

Good Morning Modi ji,
Sab Changa Si?

SS Credit : @AdityaRajKaul pic.twitter.com/0YLVdzmreq

— Srinivas BV (@srinivasiyc) December 11, 2021

गौरतलब है कि डिजिटल इंडिया के शूरमा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के टि्वटर अकाउंट को रविवार देर रात हैकरों ने हैक कर लिया।  प्रधानमंत्री के अकाउंट को हैकर्स ने हैक कर रात में 2 बजकर 11 मिनट पर एक ट्वीट किया। दो मिनट बाद इस फर्जी ट्वीट को डिलीट कर दिया गया लेकिन महज 4 मिनट बाद फिर एक ट्वीट हुआ, जो बिल्कुल पहले वाले की तरह था और उसमें भी बिटकॉइन को लेकर लिखा गया था। उस ट्वीट में एक ब्लॉग का लिंक भी शेयर किया गया था। ट्वीट के नीचे लिखा गया था कि ‘द फ्यूचर हैज कम टुडे’। 

कथित हैकरों द्वारा ट्वीट में दावा किया गया कि भारत ने ऑफिशियली बिटकॉइन को कानूनी मान्यता दे दी है। इसके अलावा ट्वीट में ये भी कहा गया कि भारत सरकार 500 बिटकॉइन ख़रीदकर लोगों में बांट रही है। 

रात 3 बजकर 18 मिनट पर PMO India के अकाउंट से प्रधानमंत्री के टि्वटर अकाउंट के हैक होने की जानकारी दी गई। पीएमओ इंडिया के ट्वीट में बताया गया कि प्रधानमंत्री के अकाउंट को दोबारा सुरक्षित रिस्टोर कर लिया गया है। अकाउंट हैक होने के बाद जो ट्वीट अकाउंट से किए गए हैं, उन्हें नज़रअंदाज़ किया जाना चाहिए।

जांच के आदेश 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ट्विटर अकाउंट हैक होने के बाद अब सरकार एक्शन में आ गई है। अकाउंट किसने हैक किया? इसकी जांच के लिए सरकार लेटेस्ट टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रही है। सूत्रों का कहना है कि CERT-IN को इस काम में लगाया गया है और वो हैकिंग के सोर्स का पता लगाने का कोशिश कर रही है। 

सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार इस बात को जानने में जुट गई है कि इस हैकिंग के पीछे कौन था। इसके लिए सरकार ने इंडियन कम्प्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम यानी CERT-IN की टीम को काम में लगाया गया है। हैकिंग की तह तक जाने के लिए टीम लेटेस्ट टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रही है।

CERT-IN केंद्र सरकार की एजेंसी है जो मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इन्फोर्मेशन टेक्नोलॉजी के अधीन काम करती है। इसका काम भारत सरकार की हैकिंग और फिशिंग जैसे साइबर ख़तरों से निपटना है। ये एजेंसी भारतीय इंटरनेट डोमेन की सुरक्षा संबंधी काम भी देखती है।

(जनचौक ब्यूरो की रिपोर्ट।)

Tags: account bitquins Hackers modi pm twitter

Post navigation

Previous
नवउदारवाद और टपक बूंद सिद्धांत के दिवालियेपन को उजागर करती है वर्ल्ड इनइक्वलिटी रिपोर्ट
Next
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ मौत-2: होमी जहांगीर भाभा की विमान दुर्घटना के पीछे था सीआईए का हाथ!

Related Post

राजनीतिक माहौल बदलने के लिए सरकार डिलिमिटेशन बिल दोबारा लायेगी?

लोकतंत्र में सरकार बदलें या मतदाता सूची? 

पुलिस की गुण्डई और गुण्डों की पुलिसई पर चुप क्यों हैं भागवत? 

ताज़ा प्रतिरोध आंदोलन के परिप्रेक्ष्य में: क्यों ज़रूरी हैं गांधी-शस्त्र?

धर्मनिरपेक्षता बनाम सर्व धर्म समभाव का राग, कथनी से उलटी करनी का हिसाब

Leave a Reply Cancel reply

You must be logged in to post a comment.

  • भीड़ द्वारा हत्या : भारत के रूपांतरण की पड़ताल-III
  • सुप्रीम कोर्ट के फैसले की आलोचना करना कोई अपराध नहीं है: कर्नाटक हाई कोर्ट 
  • कर्नाटक एसआईआर में ‘मौत’ को वजह बताते हुए 37 लोगों ने वोटर लिस्ट से अपना नाम हटाने की अर्ज़ी दी: रिपोर्ट
  • अहमदाबाद नगर निगम में विपक्ष के नेता की कुर्सी पर मोदी और इजराइल समर्थक नीरव बक्षी लगभग तय ?
  • भीड़ द्वारा हत्याएँ: राज्य और अपराधियों के बीच सिम्फनी – II
  • GROUND REPORT
  • आंदोलन
  • ज़रूरी ख़बर
  • जलवायु
  • बीच बहस
  • राजनीति
  • राज्य
  • लेखक
  • वीडियो
  • संस्कृति-समाज
  • भीड़ द्वारा हत्या : भारत के रूपांतरण की पड़ताल-III
  • सुप्रीम कोर्ट के फैसले की आलोचना करना कोई अपराध नहीं है: कर्नाटक हाई कोर्ट 
  • कर्नाटक एसआईआर में ‘मौत’ को वजह बताते हुए 37 लोगों ने वोटर लिस्ट से अपना नाम हटाने की अर्ज़ी दी: रिपोर्ट
  • अहमदाबाद नगर निगम में विपक्ष के नेता की कुर्सी पर मोदी और इजराइल समर्थक नीरव बक्षी लगभग तय ?
  • भीड़ द्वारा हत्याएँ: राज्य और अपराधियों के बीच सिम्फनी – II

NewsBe Made by Couponvario | Powered by WordPress