इंदौर। एसआईआर के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से काटे जाने के विरोध में तथा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर सोमवार को कलेक्टर कार्यालय इंदौर पर जोरदार प्रदर्शन किया गया जिसमें समाजवादी पार्टी, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, भारतीय कम्युनिस्टट पार्टी, एसयूूसीआई, असंगठित कामगार कांग्रेस आदिि के कार्यकर्ता शामिल थे।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान देशभर में करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम काटे गए हैं। उन्होंने कहा कि पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाना लोकतांत्रिक अधिकारों और मतदान के अधिकार से जुड़ा गंभीर विषय है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि एसआईआर में काटे गए सभी नामों की जांच कर पात्र मतदाताओं के नाम पुनः मतदाता सूची में जोड़े जाएं। प्रदर्शन का नेतृत्व रुद्रपाल यादव, कैलाश लिंबोदिया, सीएल सर्रावत,राहुल निहोरे,रामस्वरूप मंत्री, प्रमोद नामदेव, बटेश्वर नाथ सिंह और राजेंद्र यादव ने किया।
वक्ताओं ने कहा कि मतदाता सूची में पारदर्शिता और शुद्धता लोकतांत्रिक व्यवस्था की बुनियादी आवश्यकता है। एसआईआर के दौरान जिन नागरिकों के नाम हटाए गए हैं, उन्हें इसकी स्पष्ट जानकारी दी जानी चाहिए तथा नाम काटने के आधार को सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
प्रदर्शन में कैलाश लिंबोदिया, रुद्रपाल यादव, रामस्वरूप मंत्री, सीएल सर्रावत, राहुल निहोरे,अरविंद पोरवाल, विजय दलाल, विवेक मेहता, बटेश्वर नाथ सिंह, राजेंद्र यादव, डीएस मिश्रा, मोहम्मद अली सिद्दीकी, भागीरथ कछुआ, चंदन सिंह मकवाना, सैयद साजिद अली, प्रमोद नामदेव, सोनू शर्मा, सुमित सोलंकी, भारत चौहान, माता प्रसाद मौर्य और पूजा चौहान सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
प्रदर्शनकारियों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची से हटाए गए पात्र नागरिकों के नाम तत्काल बहाल किए जाएं और पूरी एसआईआर प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए।
(प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित)