Monday, December 5, 2022

उत्तराखंड में यूपी पुलिस एनकाउंटर: माफिया का पीछा करने में बीजेपी नेता की पत्नी की मौत? दो राज्यों की पुलिस आमने-सामने

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उत्तराखंड के उधम सिंह नगर में उत्तर प्रदेश पुलिस और खनन माफिया के बीच फायरिंग का मामला गर्माता जा रहा है। उत्तराखंड और यूपी पुलिस आमने-सामने है। इस मामले में उत्तराखंड पुलिस ने यूपी पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। वहीं उत्तर प्रदेश पुलिस ने भी आईपीसी की धारा 307 के तहत हत्या के प्रयास, लूट और मारपीट की संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

बुधवार, 12 अक्टूबर को उत्तराखंड के उधम सिंह नगर में यूपी पुलिस और खनन माफिया के बीच फायरिंग हुई। मुरादाबाद पुलिस की टीम खनन माफिया जफर का पीछा करते हुए उधम सिंह नगर पहुंची थी। भरतपुर गांव में हुई फायरिंग में बीजेपी नेता और ब्लॉक प्रमुख की पत्नी की गोली लगने से मौत हो गई। वहीं यूपी के 5 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। दो पुलिसकर्मियों को गोली भी लगी है। तीन पुलिसवालों के हथियार भी गायब हैं।

मुरादाबाद पुलिस के डीआईजी शलभ माथुर के मुताबिक, आरोपी जफर उत्तर प्रदेश बॉर्डर से होता हुआ उत्तराखंड में दाखिल हुआ। इस दौरान वह एक घर में जाकर छिप गया। जब यूपी पुलिस की टीम वहां पहुंची तो उन्हें बंधक बना लिया गया। पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की गई। जब पुलिसकर्मियों ने भागने का प्रयास किया तो फायरिंग की गई। इस घटना के बाद यूपी पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

खनन माफिया को पकड़ने के लिए पुलिस एक घर में दबिश देने पहुंची थी, जिसकी जानकारी स्थानीय पुलिस को नहीं दी गयी थी। उत्तराखंड पुलिस का कहना है कि, “बिना किसी सूचना के मुरादाबाद से आई पुलिस टीम ने रेड की है। कोई भी पुलिसकर्मी वर्दी में नहीं था। कौन लोग आए थे, कितने लोग थे? इसकी जांच की जा रही है। टीमें गठित कर दी गई हैं”।

इस मामले में मृतका के पति गुरतेज सिंह ने अपनी तहरीर में बताया है कि, उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले की ठाकुरद्वारा पुलिस के 10-12 लोग उनके घर पर आए। पूछने पर सिविल ड्रेस में पुलिसवालों ने बताया कि वह एक व्यक्ति की तलाश में आए हैं। इस दौरान पुलिसवालों ने घरवालों के साथ गाली-गौलज की। पुलिसकर्मियों के मुंह से शराब की बदबू भी आ रही थी। गुरतेज सिंह ने आरोप लगाया है कि घर में घुसे पुलिस वालों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें उनकी पत्नी गुरजीत कौर के सीने में गोली लगने से मौत हो गई।

इस पूरे घटनाक्रम में महिला की मौत पुलिस की गोली लगने से हुई या बदमाशों की गोली लगने से हुई, यह एक बड़ा सवाल है। हालांकि, अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई है।

इस मामले में गुरतेज सिंह की शिकायत के आधार पर उत्तराखंड पुलिस ने यूपी पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। कुंडा पुलिस ने हत्या सहित अन्य संगीन धाराओं में 10-12 पुलिसवालों के खिलाफ केस दर्ज किया है। उत्तराखंड पुलिस ने IPC की धारा 147, 148, 149, 302, 425, 504 और 120-B के तहत मुकदमा दर्ज किया है।

वहीं इस मामले में यूपी पुलिस ने भी आईपीसी की धारा 307 के तहत हत्या के प्रयास, लूट और मारपीट की संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। यह मुकदमा खनन माफिया जफर और जिस घर में कल मुठभेड़ हुई थी उस घर के मालिक के खिलाफ हुई है।

यूपी की ठाकुरद्वारा पुलिस को इनपुट मिला था कि खनन माफिया ने काशीपुर के कुंडा में एक सफेदपोश के घर शरण ली है। उसको पकड़ने के लिए पुलिस ने बुधवार की शाम दबिश दी। लेकिन इस दौरान गोलीबारी हुई जिसमें एक की मौत हो गई। उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले के काशीपुर में बड़ा बवाल हो गया। कुंडा थाना क्षेत्र के भरतपुर गांव में बुधवार शाम दबिश देने आई यूपी के मुरादाबाद की ठाकुरद्वारा पुलिस और ग्रामीणों के बीच फायरिंग हो गई।

फायरिंग में जसपुर के ज्येष्ठ ब्लाक प्रमुख की पत्नी की गोली लगने से अस्पताल में मौत हो गई। घटना में ठाकुरद्वारा पुलिस के एक दारोगा समेत पांच सिपाही भी घायल हो गए। पुलिस के 10-12 अज्ञात लोगों के विरुद्ध हत्या, बलवा, धमकी और आपराधिक षड़यंत्र की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। फॉरेसिक टीम ने घटनास्थल से तीन सर्विस पिस्टल, कारतूस, टोपी और मोबाइल बरामद किया।

बुधवार शाम सादी वर्दी में ठाकुरद्वारा पुलिस की टीम दो वाहनों से भरतपुर गांव में जसपुर के ज्येष्ठ ब्लाक उप प्रमुख गुरतेज भुल्लर के घर पहुंची। यूपी  पुलिस को सूचना मिली थी कि डिलारी क्षेत्र के कांकरखेड़ा निवासी 50 हजार का ईनामी बदमाश जफर भरतपुर में ज्येष्ठ ब्लाक प्रमुख गुरतेज भुल्लर के घर छिपा है। टीम ने जैसे ही आरोपित की तलाश शुरू की, ज्येष्ठ प्रमुख और टीम के बीच कहा सुनी हो गई। विवाद बढ़ते ही दोनों ओर से फायरिंग शुरू हो गई। इसी दौरान एक गोली गुरतेज की पत्नी गुरप्रीत कौर को लग गई। उसे स्वजन मुरादाबाद रोड स्थित अस्पताल ले गए। जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं ठाकुरद्वारा पुलिस के शिवकुमार, राहुल सिंह, संगम, सुमित राठी व अनिल कुमार घायल हो गए। सभी को उपचार के लिए मुरादाबाद ले जाया गया। पुलिस ने आरोपित भाई को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया, घटना के बाद से हड़कंप मचा है।

दो पुलिसकर्मी मिसिंग हैं, जिन्हें ढूंढने के लिए यूपी पुलिस और उत्तराखंड पुलिस प्रयास कर रही है। इसके साथ ही तीन पुलिसकर्मियों के हथियार भी गायब हैं। ये हथियार पुलिस व खनन माफियाओं के बीच हुई फायरिंग में गायब हुए हैं।

दो राज्यों का मामला होने के चलते मामले में आरोप-प्रत्यारोप भी शुरू हो गए। मुरादाबाद के एसएसपी हेमंत कुटियाल ने बताया कि 13 सितंबर को एसडीएम और खनन अधिकारी को बंधक बनाने के मामले में पुलिस ने खनन माफिया के विरुद्ध अभियान चलाया हुआ है। बुधवार को ठाकुरद्वारा पुलिस की टीम भरतपुर गांव में 50 हजार के इनामी खनन माफिया जफर को गिरफ्तार करने पहुंची थी। आरोपितों ने पुलिस टीम पर फायरिंग करके जफर को छुड़ा लिया। पांच सिपाहियों को भी गोली लगी है। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आरोपितों ने दारोगा को भी बंधक बनाकर उसका हाथ तोड़ दिया।

दरअसल औद्योगिक नगरी काशीपुर बिहार, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, पंजाब और हरियाणा तथा यूपी के नामी गिरामी बदमाशों के साथ ही आतंकियों की भी शरणस्थली बन चुकी है। यही वजह है कि बदमाशों की सूचना पर जब स्थानीय पुलिस के साथ ही बाहरी राज्यों की पुलिस उन्हें पकड़ने जाती है तो विरोध शुरू हो जाता है। नौबत यहां तक आ जाती है कि दोनों तरफ से फायरिंग में किसी की मौत तो कोई घायल हो जाता है।इसके परिणामस्वरूप आठ सालों में बिहार, छत्तीसगढ़, पंजाब, हरियाणा के खूंखार अपराधियों को पकड़ने के दौरान पुलिस की मुठभेड़ हुई।

कुछ बानगियाँ देखें

वर्ष 2014 में पंजाब के इनामी बदमाशों की रुद्रपुर में शरण लेने की सूचना पर पंजाब पुलिस पहुंची। जब पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी तो उन्होंने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी थी। बदमाशों के हौसले इतने बुलंद थे कि दिनदहाड़े वह काशीपुर बाइपास रोड होते हुए गदरपुर की ओर फायरिंग करते हुए फरार हुए।

वर्ष 2016 में रुद्रपुर पुलिस ने काशीपुर रोड पर तेल मिल के पास यूपी क्षेत्र में दबिश दी थी। इस दौरान लोगों ने पुलिस का विरोध करते हुए हमला कर दिया था। इस दौरान पुलिस की ओर से फायरिंग हुई थी,जिससे एक युवती गोली लगने से घायल हो गई थी।

वर्ष 2017 में कांग्रेसी नेता किरन सरदार की हत्या करने के लिए बिहार और छत्तीसगढ़ से भाड़े के शूटर आए थे। इस दौरान वह कई दिनों तक ट्रांजिट कैंप में किराए में रहकर रेकी करते रहे। मौका मिलते ही उन्होंने किरन सरदार के कार्यालय में स्टेनगन से ताबड़तोड़ कई राउंड फायर कर दी थी। हालांकि बाद में मौके पर पहुंची पुलिस ने मुठभेड़ के बाद लोगों की मदद से उन्हें दबोच लिया था।

17 नवंबर 2020 को सितारगंज में पुलिस पर चेकिंग के दौरान हरियाणा के तीन इनामी बदमाशों से मुठभेड़ हो गई थी। इस पर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। जब जांच की गई तो पता चला वह लंबे समय से सितारगंज में किराए में रह रहे थे। गिरफ्तार बदमाश पवन पर एक लाख रुपये, मोनू पर 50 और आशीष पर 25 हजार का इनाम घोषित था।

19 जुलाई 2021 को स्पेशल टास्क फोर्स को पंजाब के क्राइम कंट्रोल यूनिट से सूचना मिली कि पंजाब के खूंखार गैंगस्टर काशीपुर में शरण लिए हुए हैं। जिसके बाद एसटीएफ कुमाऊं मंडल और पंजाब की क्राइम कंट्रोल यूनिट की खूंखार गैंगस्टरों से काशीपुर के गुलजारपुर गांव में मुठभेड़ हो गई है। जिसमें तीन गैंगस्टर समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

7 अक्टूबर 2022 को वांछित बदमाश की धर-पकड़ को बिजनौर पुलिस ने गदरपुर पुलिस के साथ दबिश दी थी। इस दौरान लोगों ने पुलिस का विरोध शुरू करते हुए हाथापाई शुरू कर दी थी। साथ ही पुलिस कर्मियों से बंदूक छीनने का भी प्रयास किया था।

12 अक्टूबर 2022 को यूपी के 50 हजार के इनामी खनन माफिया और बदमाश को पकड़ने के लिए मुरादाबाद से पुलिस काशीपुर पहुंची। बदमाश ज्येष्ठ ब्लॉक उप प्रमुख के घर में शरण लिए हुए थे। उसे पकड़ने के दौरान दोनों ओर से फायरिंग हुई, जिसमें एक महिला की मौत हो गई और कई घायल हो गए।

(जनचौक ब्यूरो की रिपोर्ट।)

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