Friday, August 12, 2022

भागलपुर: फर्जी सांसद बनकर रेलवे स्टेशन के वीआईपी वेटिंग रूम में ठहरी महिला का भांडा फूटा, फरार

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बिहार के भागलपुर में पिछली रात एक दिलचस्प मामला सामने आया, जिसने रेलवे प्रबंधन की नीन्द उड़ा दी। मामला यह था कि एक महिला रेलवे स्टेशन के वीआईपी वेटिंग रूम में ठहरने के लिए फर्जी सांसद बन गई और रेलवे अधिकारियों को झांसा देकर एक रात तो ठहर गई, लेकिन जब दूसरी रात ठहरने पहुंची तो उसका भांडा फूट गया। मामला 30 नवंबर, 2021 की देर रात का है। 

जानकारी के मुताबिक बांका जिला अंतर्गत कटोरिया के घरमोरा की रहने वाली आयशा खातून खुद को बांका की सांसद बताकर 30 नवंबर को रात भागलपुर रेलवे स्टेशन के वीआईपी रूम में ठहरने के लिए पहुंची। उस पर बिना शक किए अधिकारियों ने वीआईपी वेटिंग रूम में ठहरने की इजाजत दे दी। 24 घंटे तक वहां गुजारने के बाद वह फिर दूसरे दिन 1 दिसंबर को भी ठहरने पहुंच गई। अपने को बांका की सांसद बताया और कमरा नहीं देने पर प्रधानमंत्री को फोन कर देने की धमकी दी, लेकिन इस बार कर्मचारियों को शक हो गया और उन्होंने उसे ठहरने की अनुमति नहीं दी। उसके कागजों की जांच की गई तो मामला संदिग्ध लगा। हालांकि, वह देर रात तक स्टेशन प्रबंधक के कक्ष में बैठी रही। इस दौरान वह बार-बार खुद को सांसद बताती रही ।

महिला ने अपने गले में एक आई कार्ड लटका रखा था, जिस पर भारतीय जनता पार्टी लिखा था। साथ ही उसकी फोटो के साथ उसका नाम आयशा खातून और उस नाम के नीचे मेम्बर ऑफ पार्लियामेंट, बिहार लिखा था। उस आई कार्ड पर पता के रूप में भरमोरा, पोस्ट और थाना कटोरिया, जिला- बांका लिखा है।

बताना जरूरी होगा कि वर्तमान में बांका से जनता दल यूनाईटेड के गिरधारी यादव सांसद हैं।

इतना ही नहीं महिला के पास से भागलपुर श्रम कार्यालय के नाम लिखा हुआ एक आवेदन मिला है। श्रम विभाग ने उसका आवेदन बांका के श्रम आयुक्त को फॉरवर्ड किया है। महिला के पास प्रधानमंत्री को लिखा एक पत्र भी मिला। पत्र में उसने लिखा है कि उसे सांसद रहते हुए भी आवास का आवंटन और वेतन का भुगतान नहीं हुआ है। आधार कार्ड पर उसके पति का नाम जाकिर अंसारी है। एक पत्र में उसने खुद को सांसद के साथ विधायक भी दिखाया है।

स्टेशन मास्टर विक्रम सिंह ने बताया, ‘रेलवे प्रशासन को संदेह होने पर इसकी सूचना रेल विभाग के वरीय पदाधिकारियों को दी गई। पदाधिकारियों के निर्देश पर महिला से पूछताछ की गई और फिर उसे स्टेशन से बाहर कर दिया गया। सुबह तक वह महिला स्टेशन पर ही नजर आई। वह कब आई किस ट्रेन से आई और अब वह कहां गई? यह पता नहीं।’

इस बाबत भागलपुर भाजपा के जिला अध्यक्ष रोहित पांडे से बात की गई तो उन्होंने बताया कि ‘मुझे उस महिला के बारे में कुछ भी जानकारी नहीं है। अगर वह प्रधानमंत्री के सुरक्षा घेरे में प्रवेश कर गई थी, तो यह प्रशासनिक स्तर पर जांच का विषय है, लेकिन साथ ही जब वह खुद अपने आपको बांका का सांसद कह रही है तो इस बात को लेकर उसकी मेडिकल जांच भी होनी चाहिए। कहीं वह मानसिक रूप से बीमार तो नहीं है। भाजपा से उसका क्या संबंध है, मुझे इस बात की जानकारी नहीं है।’

(वरिष्ठ पत्रकार विशद कुमार की रिपोर्ट।)

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