Monday, August 15, 2022

हिंसा व यौन उत्पीड़न के खिलाफ महिलाओं ने की आवाज बुलंद

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घरेलू महिला हिंसा पखवाड़ा के तहत बुधवार को लुंडी गाँव में महिलाओं ने कन्या भ्रूण हत्या, यौन उत्पीड़न, दहेज, बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाई। 

झारखंड के लातेहार जिले के लुंडी गांव में 8 दिसंबर को घरेलू महिला हिंसा पखवाड़ा के तहत महिलाओं ने कन्या भ्रूण हत्या, यौन उत्पीड़न, दहेज, बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ आवाज़ बुलंद की। बता दें कि नीलाम्बर पीताम्बर विधा निकेतन लुंडी गांव में आयोजित कार्यक्रम में शामिल महिलाएं “घरेलू महिला हिंसा बंद करो”  “भ्रूण हत्या पर रोक लगाओ” “बाल विवाह बंद करो” “भीख नहीं अधिकार चाहिए, जीने का सम्मान चाहिए” “यौन हिंसा पर रोक लगाओ” आदि नारे लगाये। 

नीलाम्बर पीताम्बर जन कल्याण सेवा समिति व आदिवासी विमेंस नेटवर्क की ओर से आयोजित कार्यक्रम में समिति के सचिव लाल मोहन सिंह ने कहा कि 74-75 साल बाद आज भी समाज में लड़कियों और महिलाओं के साथ भेदभाव किया जा रहा है, जबकि संवैधानिक व्यवस्था ने सबको समान अधिकार दिए हैं। सामाजिक व्यवस्था के कारण महिलाओं और लड़कियों को बराबरी का अधिकार नहीं प्राप्त हो पा रहा है, इसलिए सामाजिक व्यवस्था में बदलाव लाना जरूरी है। क्योंकि सख्त कानून बनने के बावजूद आये दिन लड़कियों और महिलाओं के साथ छेड़खानी बलात्कार घरेलू हिंसा की घटनाएं लगातार हो रही हैं, जो कि सभ्य समाज के लिए बहुत चिंतनीय बात है। इस लिए लड़कियों और महिलाओं को अपने हक और अधिकार के लिए आगे आकर खुद पहल करना होगा।

 जिला परिषद सदस्य आशा देवी ने कहा कि भारत में हिंसा कई रूप में होती है, घरेलू हिंसा, यौन उत्पीड़न, सार्वजनिक अपमान, दुर्व्यवहार, तस्करी, डायन के नाम पर प्रताड़ना/हत्या, ऑनर किलिंग, इत्यादि….उन्होंने आगे कहा कि साक्ष्य बताते हैं कि 70 प्रतिशत महिलाएं और लड़कियां अपने जीवन में किसी न किसी रूप में हिंसा का सामना करती हैं। इससे भी अधिक चौंकाने वाला तथ्य यह है कि 10 में से 5 से 7 महिलाओं और पुरुषों का मानना है कि यह ठीक है, अगर एक आदमी अपनी पत्नी को मारता है तब, जब वह अपने घरेलू कार्यों को करने में विफल होती है। कोरोना महामारी के बाद लैंगिक हिंसा की दर बढ़ कर पहले से अधिक हो गयी है। ऐसे में यह बेहद जरुरी बनता है कि सभी लोग एकजुट होकर हिंसा मुक्त जीवन के लिए संघर्ष करें।

नीलाम्बर पीताम्बर विधा निकेतन के प्रबंधक संतोष कुमार सिंह ने ग्रामवासियों से लड़कियों को ज्यादा से ज्यादा पढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की अपील किया। 

कार्यक्रम में स्वागत मनफिरन सिंह, संचालन ललीता कुमारी और धन्यवाद ज्ञापन विमला देवी ने किया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से बाबूलाल सिंह, रामकृत सिंह, बलराम सिंह, सबिता देवी, लालमणि देवी, सोनी कुमारी, सीतामनी देवी, मनिता देवी, प्रतिमा कुमारी, लाखो देवी, ललीता देवी, संतोषी देवी, सुनीता कुमारी, उषा देवी, सोहराय सिंह इत्यादि लोग शामिल थे।

(झारखंड से वरिष्ठ पत्रकार विशद कुमार की रिपोर्ट।)

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