Monday, August 15, 2022

america

युद्ध अपने आप में होता है मानव विरोधी

रूस-यूक्रेन युद्ध के दो पक्ष सुनने को मिल रहे हैं। एक तो रूस को आक्रांता मान कर तुरंत उससे युद्ध रोकने को कह रहा है। दूसरा अमेरिका की विदेश नीति को इस युद्ध का कारण मानता है। 1991 में...

यूक्रेन को युद्ध की आग में झोंकने लिए अमेरिका है जिम्मेदार

यूक्रेन पर रूस के भयानक हमले की कई व्याख्याएं हैं। इनमें से एक व्याख्या एक पुरानी कविता में ढूंढ़ी जा सकती है। अल्फ्रेड टेनिसन की यह कविता ‘चार्ज ऑफ़ द लाइट ब्रिगेड’ हमने स्कूल में पढ़ी थी। इस कविता...

रूस-यूक्रेन युद्ध: क्यों कारगर नहीं होते नागरिक प्रतिरोध?

24 फरवरी 2022 को रूस के यूक्रेन पर हमले के साथ विभिन्न देशों की सरकारों, संयुक्त राष्ट्र समेत सभी वैश्विक संस्थाओं, दूतावासों, मीडिया, विषय-विशेषज्ञों आदि की सक्रियता रूस-यूक्रेन युद्ध पर केंद्रित हो गई है। दूसरे महायुद्ध के बाद यूरोपीय...

पुतिन ने परदा गिरा दिया है

युद्ध समस्या का समाधान नहीं है। इसीलिए कहा जा सकता है कि हमेशा इसे अंतिम विकल्प के रूप में ही चुना जाना चाहिए। अतः यूक्रेन पर रूस के हमले के सिलसिले में रुख तय करते हुए यही प्रश्न निर्णायक...

यूक्रेन समस्या: कौन दोषी रूस या अमेरिका एवं उसके पिछलग्गू देश?

प्रथम विश्वयुद्ध और द्वितीय विश्वयुद्ध की विभीषिका के चलते करोड़ों निरपराध लोग मारे गए, और करोड़ों बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को अपना बाकी का जीवन बेहद गरीबी, भुखमरी एवं अभाव में जीने को अभिशप्त होना पड़ा था। इन दो...

हिंदुत्व की गिरफ्त में फंसे भारत से क्या उम्मीद करें अफगान ?

अफगानिस्तान के लोग वास्तविक संकट से जूझ रहे हैं। अमेरिका और नाटो देशों ने उनके भविष्य को तालिबान के हाथों में सौंप कर उनके सपने नष्ट कर दिए हैं और उन्हें तब तक खबर नहीं होने दी जब तक...

उनके तालिबान तालिबान हमारे वाले संत !

अपने 20 साल के नाजायज और सर्वनाशी कब्जे के दौरान अफ़ग़ानिस्तान से लोकतान्त्रिक संगठनों, आंदोलनों और समझदार व्यक्तियों का पूरी तरह सफाया करने के बाद अमरीकी उसे तालिबानों के लिए हमवार बनाकर, उन्हें इस खुले जेलखाने की चाबी थमाकर...

जलवायु परिवर्तन और प्रलय के लिए ज़िम्मेदार है कॉर्पोरेट लूट

जलवायु परिवर्तन इस सदी की सबसे भयावह शब्दावली साबित होने के कगार पर है। भारत सहित पूरी दुनिया में अप्रत्याशित तरीके से बढ़ रही प्राकृतिक आपदा ने यह दिखाया है कि प्रकृति के साथ खिलवाड़ का दुष्परिणाम किस हद...

स्टेन स्वामी आखिर सत्ता प्रतिष्ठान की आंख के क्यों बने हुए थे कांटे

कुछ साल पहले, जब में एण्डियन पर्वत श्रृंखला पर स्थित बोलिवियन राजधानी ला पाज़़ गया था, मैंने एक रेस्त्रां में लगा बोर्ड  देखा, जिस पर स्पैनिश भाषा में लिखा था ‘सभी मानव बराबर हैं’। शहर में मैंने जो सप्ताह...

मोदी सरकार ने नहीं तो किसने कराई पेगासस जासूसी, अमेरिका, चीन या किसी भूत ने?

मोदी सरकार ने लोकसभा में दावा किया है कि संसद के मानसून सत्र से पहले जासूसी से जुड़ी मीडिया रिपोर्ट भारतीय लोकतंत्र की छवि को धूमिल करने का प्रयास है और संसद के सत्र से ठीक एक दिन पहले...
- Advertisement -spot_img

Latest News

आज़ादी के बाद भी आज़ादी के लिए लड़ते रहे, सरहदी गांधी

"आपने हमें भेड़ियों के आगे फेंक दिया।” बंटवारे की खबर मिलने के बाद, यह गंभीर और कड़ी प्रतिक्रिया, थी...
- Advertisement -spot_img