Thursday, August 18, 2022

Fascism

फासिज्म का पहला चरण होता है लोकतंत्र में अवतारवाद

नूपुर शर्मा के बयान पर अक्सर बीजेपी आरएसएस के मित्र यह सवाल भी पूछते हैं कि नूपुर ने क्या गलत कहा, उसने तो वही कहा जो हदीस में लिखा है। लेकिन वे यह सवाल सबसे पूछते हैं पर न...

अजय सिंह की कविताएं करती हैं सीधे दुश्मन की शिनाख्त 

नई दिल्ली। गुलमोहर किताब ने वरिष्ठ कवि अजय सिंह की नई किताब 'यह स्मृति को बचाने का वक़्त है' पर चर्चा और कविता पाठ का आयोजन दिल्ली के गांधी शांति प्रतिष्ठान में किया, जिसमें बड़ी संख्या में कवियों, आलोचकों,...

लपट हमारे दरवाजे पर दस्तक दे रही है: अरुंधति

गुड आफ़्टरनून, और मुझे सिसी फेरेन्टहोल्ड लेक्चर देने के लिए बुलाने के लिए आपका शुक्रिया। मैं लेक्चर शुरू करूँ, इससे पहले मैं यूक्रेन में जंग के बारे में कुछ बातें कहना चाहूँगी। मैं रूसी हमले की साफ़ शब्दों में...

प्रशांत किशोर को लेकर मच रहा शोर और उसकी हकीकत

पिछले कुछ दिनों से प्रशांत किशोर सुर्खियों में हैं। यह चर्चा जोरों पर है कि लगभग 135 वर्षों की अपनी यात्रा में संघर्ष और सत्ता तथा उत्थान एवं पतन का हर रंग देख चुकी कांग्रेस पार्टी को नवजीवन देने...

आरएसएस का उग्र हिंदुत्व और दलितों की हत्या

अभी पिछले दिनों 15 मार्च की ही घटना है, जिसमें राजस्थान के पाली जिले के बारवा गांव के निवासी जितेन्द्र पाल मेघवाल, जो कि बाली नामक स्थान पर एक अस्पताल में कोशिश हेल्थ सेंटर हेल्थ सहायक के रूप में...

बिहार में भी भाजपा यूपी मॉडल लागू करने को बेचैन, लेकिन यहां बुलडोजर राज नहीं चलेगा: दीपंकर भट्टाचार्य

गया। उत्तर प्रदेश में चुनाव जीतने के बाद भाजपा अब यूपी मॉडल को बिहार में भी लागू करने को तत्पर है। यह नीतीश कुमार के लिए बड़ी चुनौती है। हमने देखा कि यहां कैसे भाजपा पूरी तरह से मुकेश...

किसान आंदोलन: जश्न के बीच से झांकती चुनौतियां

यहां सड़क पर कीले उगीं हैं। कंटीले तारों ने अपने ही देश के नागरिकों को जानवरों की तरह घेर रखा है। आपका स्वागत फौज़ी बूटों की कर्कश ध्वनियों से होता है। यह कश्मीर नहीं किसानों के आंदोलन-स्थल की तस्वीर...

सत्ता की चालों से सतर्क रहने का वक्त

आखिर वह दिन आ ही गया जिसके लिए लाखों किसान पिछले डेढ़ साल से धैर्य और दृढ़ संकल्प के साथ संघर्ष कर रहे थे। उनकी सबसे प्रमुख मांगों को स्वीकार करने की घोषणा खुद प्रधानमंत्री को करनी पड़ी। इस...

कृषि कानून वापसी में छुपी है लोकतंत्र पर नये हमले की आशंका!

किसान, मजदूर, छात्र, नौजवान और फासीवाद के खिलाफ संघर्षरत प्यारे देशवासियों। आज प्रधानमंत्री मोदी ने तीन कृषि कानूनों की वापसी का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि इस महीने के अंत में संसद के सत्र के दौरान वह इन...

धर्मनिरपेक्षता भारतीय संविधान की आत्मा है : प्रो.मंडल

वाराणसी। जिस आइडिया ऑफ इंडिया का सपना आजादी के आंदोलन के दौरान परवान चढ़ा था आज वह बर्बाद हो रहा है। मुल्क नफरत, गैर बराबरी और कारपोरेट फासीवाद की आग में झुलस रहा है। यदि समय रहते स्वतन्त्रता, समता,...
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शीर्ष पदों पर बढ़ता असंतुलन यानी संघवाद को निगलता सर्वसत्तावाद 

देश में बढ़ता सर्वसत्तावाद किस तरह संघवाद को क्रमशः क्षतिग्रस्त कर रहा है, इसके उदाहरण विगत आठ वर्षों में...
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