Geeta Press Gorakhpur

सती-विधवा प्रथा और स्त्री पराधीनता का कट्टर समर्थक है गीता प्रेस

‘यत्र नार्यस्तु पूज्यंते, रमंते तत्र देवता’ से लेकर ’नारी तुम केवल श्रद्धा हो….’ तक भारतीय संस्कृति और… Read More

गीता प्रेस की कूपमंडूक किताबों के दलदल में धंसने से कैसे मैं बचा : जवरीमल्ल पारख का संस्मरण

अभी कुछ दिनों पहले नरेंद्र मोदी सरकार ने गीता प्रेस, गोरखपुर को गांधी शांति पुरस्कार प्रदान करने… Read More