संस्कृति-समाज हिंदी में साहित्यिक पत्रिकाएं by Janchowk July 29, 2024July 29, 2024 हिंदी में सैकड़ों की संख्या में साहित्यिक पत्रिकाएं निकलती हैं। संभव है हजार से भी ऊपर हों।… Read More
बीच बहस आलोचना पत्रिका के बहानेः बाजार और जंगल के नियम में कोई फर्क नहीं होता! by अरुण माहेश्वरी September 30, 2020October 1, 2020 पांच दिन पहले ‘आलोचना’ पत्रिका का 62वां (अक्तूबर-दिसंबर 2019) अंक मिला। कोई विशेषांक नहीं, एक सामान्य अंक।… Read More
लेखक पंकज बिष्ट के योगदान का मूल्यांकन by Janchowk February 19, 2020February 20, 2020 पंकज बिष्ट पर यह विशेषांक क्यों?… इस सवाल का जवाब देने से पहले संक्षेप में ‘बया’ के… Read More