Monday, August 15, 2022

socialism

समाजवादी नेता मधु लिमये का जन्मशताब्दी वर्ष धूम-धाम से मनाने की तैयारी

स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, गोवा मुक्ति आंदोलन के सिपाही, पुणे से बांका (बिहार) जाकर चुनाव जीतने की ताकत रखने वाले, 128 किताबों के रचनाकार प्रख्यात संसद विद मधु लिमये जी का यह जन्म शताब्दी वर्ष है। इसे मनाने की पहल...

  देश में शुरू हो रहा है ‘भारत संवाद अभियान’

हम, भारत के लोग, भारत को एक सम्पूर्ण प्रभुत्व-संपन्न समाजवादी पंथनिरपेक्ष लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए ... इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं। (उद्देशिका, भारत का संविधान) संविधान की उद्देशिका के इस शुरुआती हिस्से के साथ...

अमेरिका बनाम चीनः लोकतंत्र पर छिड़ा वैचारिक संग्राम

अमेरिकी राजनीति-शास्त्री फ्रांसिस फुकुयामा की मशहूर किताब ‘The End of History and the Last Man’ 29 साल पहले प्रकाशित हुई थी। उसके एक साल पहले यानि 1991 में सोवियत संघ का विखंडन हुआ था। उसके पहले 1989 में फुकुयामा...

कृपया हमारे बच्चों को ऐसी ‘देशभक्ति’ का पाठ मत पढ़ाएं!

प्रतिस्पर्धी अति-राष्ट्रवाद और प्रदर्शनकारी देशभक्ति के इस युग में, किसी न किसी प्रकार का "देशभक्त" होने से बच पाना बहुत मुश्किल है। फिर भी, एक शिक्षक और सतत घुमक्कड़ के रूप में, मैं अपने छात्रों से किसी भी देवता-विशेष...

बाजारवादी समाजवाद के बाद साझा समृद्धि: अब कैसे दिखेगा चीन?

चीन में कम्युनिस्ट पार्टी की अगले महीने (8-11 नवंबर) एक विशेष बैठक होगी। खबरों के मुताबिक उसमें ‘इतिहास पर संकल्प-पत्र (resolution)’ को मंजूरी देगी। मीडिया रिपोर्टों में बताया गया है कि पार्टी के इतिहास में इस संकल्प-पत्र का वही...

चीन का एवरग्रैंड संकट देख कर बल्लियों उछलने लगा पश्चिमी मीडिया

चीन में रियल एस्टेट कंपनी एवरग्रैंड के कर्ज संकट पर शुक्रवार को वेबसाइट asiatimes.com ने अपनी खबर की हेडिंग दी- Evergrande bubble popped in time: no Lehman moment (एवरग्रैंड bubble सही समय पर दिख गयाः इसलिए लीमैन जैसा क्षण...

निजीकरण: मिथ और हकीकत

निजीकरण का राजनैतिक अर्थशास्स्त्र समझने के लिए किसी राजनैतिक अर्थशास्त्र में विद्वता की जरूरत नहीं है। सहजबोध (कॉमनसेंस) की बात है कि कोई भी व्यापारी कभी घाटे का सौदा नहीं करता, न ही उसका काम जनकल्याण या देश की...

वे लालू-मुलायम से चिढ़ते हैं या समाजवाद से!

दिल्ली प्रवास कर रहे लालू प्रसाद दो दिन पहले मुलायम सिंह यादव से मिलने क्या गए कि ट्रॉल करने वालों की मौज आ गई। लालू प्रसाद का दोष इतना था कि उन्होंने कह दिया कि देश पूंजीवाद और सांप्रदायिकता...

कहां फंसी सोवियत संघ की समाजवादी गाड़ी और चीन ने कैसे मारी बाजी

चीन की कम्युनिस्ट (सीपीसी) पार्टी ने बीते एक जुलाई को जब अपनी सौवीं सालगिरह मनाई, तो दुनिया में ये सवाल एक बार फिर उभरा कि जब समाजवाद के अपने सात दशकों के प्रयोग के बाद अगर सीपीसी प्रासंगिक बनी...

समाजवादियों के पास है सुचारू व्यवस्था

अर्थव्यवस्था के सभी अनुमान ढलान की ओर हैं। वर्तमान सत्ता-पार्टी अफवाहों की विशेषज्ञ है। व्यवस्था संभालना इनको नहीं आता। पशुपालन, खेती, उद्योग, चिकित्सा तथा भूख की समस्या से अनभिज्ञ है। यही कारण है कि जीडीपी गिर रही है। जिस जीएसटी को ये...
- Advertisement -spot_img

Latest News

कार्पोरेट्स के लाखों करोड़ की कर्जा माफ़ी क्या रेवड़ियां नहीं हैं मी लार्ड!

उच्चतम न्यायालय ने अभी तक यह तय नहीं किया है कि फ्रीबीज या रेवड़ियां क्या हैं, मुफ्तखोरी की परिभाषा क्या है? सुप्रीम...
- Advertisement -spot_img