Friday, August 12, 2022

Subhash journey Europe from Kabul

नेताजी सुभाष: काबुल से यूरोप का सफर

31 जनवरी 1941 की रात तक सुभाष मुहम्मद ज़ियाउद्दीन के वेश में अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल पहुंच गए थे। 16/17 जनवरी की रात कलकत्ता के एल्गिन रोड से उनका यह सफ़र शुरू हुआ था, और 31 जनवरी से वे...
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भारत छोड़ो आंदोलन के मौके पर नेताजी ने जब कहा- अंग्रेजों को भगाना जनता का पहला और आखिरी धर्म

8 अगस्त 1942 को इंडियन नेशनल कांग्रेस ने, जिस भारत छोड़ो आंदोलन का आगाज़ किया था, उसका विचार सबसे...
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