Wednesday, August 10, 2022

village

प्रयागराज: जब एक पिता को कंधे पर बेटे की लाश को लेकर तय करना पड़ा 35 किमी का सफर

प्रयागराज। एक भूमिहीन कृषि मज़दूर के दस वर्षीय बेटे (जिसके परिवार का राशन कार्ड भी नहीं बना) शुभम ने जब सुना कि गांव के मंदिर में सावन का भंडारा है तो वो बहुत खुश हुआ कि आज भर पेट...

5 साल तक जेल में रहने के बाद एनआईए कोर्ट से 9 ग्रामीण दोषमुक्त

बस्तर। बम विस्फोटक के आरोप में 5 साल तक जेल में रहने के बाद दंतेवाड़ा एनआईए कोर्ट ने 9 ग्रामीणों को दोषमुक्त कर बरी कर दिया। इन ग्रामीणों को 2017 में हुए एक बम विस्फोट की घटना का आरोपी बता...

ग्राउंड रिपोर्ट: बिहार में बाढ़ और सुखाड़ की मार एक साथ

पटना। बिहार देश धान उत्पादक प्रमुख राज्यों में शामिल है, जहां की करीब 76 फीसदी आबादी कृषि कार्यों में लगी है। धान उत्पादन के लिए देश के शीर्ष राज्यों में से एक बिहार की कुल 79.46 लाख हेक्टेयर कृषि...

उत्तराखण्ड: जहां शराब के बिना न राज्य चलता है और न राजनीति

कभी कहा जाता था कि ‘‘सूरज अस्त और पहाड़ मस्त’’’ लेकिन अब जमाना ऐसा बदला कि ‘‘सूरत उगते ही पहाड़ मस्त होने लगता है और सूरज अस्त होने तक शराबी पस्त हो जाते हैं और उनके परिजन त्रस्त हो...

बोकारो: बीपीएससीएल प्रबंधन की आपराधिक लापरवाही से विस्थापितों की जान पड़ी सांसत में

बोकारो। पिछली 7 मई को सुबह-सुबह आठ बजे झारखंड के बोकारो जिला अंतर्गत विस्थापित क्षेत्र के दो गांव चैताटांड़ व राउतडीह के निवासियों पर मानो पहाड़ सा टूट पड़ा। हुआ यह कि बोकारो स्टील प्लांट से स्टील उत्पादन के...

ग्राउंड रिपोर्ट: योगी के ‘आदर्श तालाबों’ में पानी तो नहीं घास चरती गायें जरूर मिलीं

सीतापुर। वह दिन दूर नहीं जब शहर वासियों की तरह गाँवों के लोग भी सरोवर किनारे सैर सपाटे का लुत्फ़ उठाएंगे। जी नहीं यह बात हम नहीं, उत्तर प्रदेश सरकार कह रही है, और इसे कहने के पीछे उसका...

डूब गया लोहारी गांव, दर-दर भटकने को मजबूर हैं गांव के लोग

देहरादून। उत्तराखंड के देहरादून में स्थित गांव लोहारी पिछले कुछ दिनों से देश भर में बड़ी चर्चा में रहा है, हर कोई एक संस्कृति को डूबते देखे जाने से दुखी है। टिहरी की तरह ही लोहारी गांव को भी...

मिर्जापुर ग्राउंड जीरो: चुआड़, नाला और हैंडपंप के जहरीले पानी के भरोसे है यहां आदिवासियों की ज़िंदगी

अहरौरा, मिर्जापुर। गत 6 मार्च, उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव-2022 के आखिरी चरण के मतदान से ठीक पहले का दिन। शाम के करीब पौने छह बज रहे थे। दिन ढल रहा था। सूर्य की किरणें लालिमा बिखेर रही थीं। मैं...

सकलडीहा का सच: योगी आदित्यनाथ के दौरे के बाद भी गड्ढामुक्त नहीं हुईं सड़कें

सकलडीहा (चंदौली)। बीते सोमवार की सुबह के करीब नौ बज रहे थे। मैं मुगलसराय-भुपौली-चहनियां मार्ग पर सकलडीहा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र की जमीनी पड़ताल करने के लिए निकल चुका था। इस रास्ते मेरी मंजिल रामगढ़ स्थित बाबा कीनाराम अघोरपीठ मठ...

गुजरात:भरवाड़ हत्या को सांप्रदायिक रूप देकर ग्रामीण इलाकों में बीजेपी करना चाहती है विस्तार

अहमदाबाद। धंधुका, अहमदाबाद जिले की एक तहसील है, जिसका एक हिस्सा सौराष्ट्र प्रांत में लगता है। ग्यारहवीं और बारहवीं सदी के मध्य में राजा धाना मेर ने धानापुर की स्थापना की थी। धंधुका की दूरी अहमदाबाद शहर से 105...
- Advertisement -spot_img

Latest News

शिशुओं का ख़ून चूसती सरकार!  देश में शिशुओं में एनीमिया का मामला 67.1%

‘मोदी सरकार शिशुओं का ख़ून चूस रही है‘ यह पंक्ति अतिशयोक्तिपूर्ण लग सकती है पर मेरे पास इस बात...
- Advertisement -spot_img