ओडिशा में एक और लड़की को जलाकर मारने की कोशिश

नई दिल्ली। ओडिशा के एक गांव में शनिवार सुबह तीन युवकों ने 16 वर्षीय किशोरी को नदी किनारे खींचकर ले गए, उसके मुंह पर रूमाल बांधा और आग लगा दी।

यह लड़की, जो आठवीं कक्षा के बाद स्कूल छोड़ चुकी थी, AIIMS भुवनेश्वर में भर्ती है और 70 प्रतिशत जलने की स्थिति में जिंदगी की लड़ाई लड़ रही है। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि अगले 48 घंटे उसके लिए बेहद नाजुक हैं।

पुलिस ने कहा कि वे अभी तक हमलावरों की पहचान नहीं कर पाए हैं और न ही इस जघन्य अपराध के पीछे के मकसद का पता चल पाया है। महिलाओं पर बढ़ते हमलों के बीच इस घटना ने राज्य की बीजेपी सरकार पर दबाव और बढ़ा दिया है।

यह वीभत्स वारदात पुरी ज़िले के बायाबड़ा गांव में हुई, जो उपमुख्यमंत्री प्रवती परिडा के निमापड़ा विधानसभा क्षेत्र में आता है। इस घटना से आक्रोशित कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उपमुख्यमंत्री के भुवनेश्वर स्थित आवास पर टमाटर फेंककर विरोध-प्रदर्शन किया।

लड़की के पिता, जो एक गैराज चलाते हैं और जिनकी दो बेटियाँ हैं, इस हमले के पीछे कोई ठोस वजह नहीं बता सके। उन्होंने कहा, “जब तक मैं अपनी बेटी से बात नहीं कर लेता, तब तक कुछ नहीं कह सकता। पहले वह अस्पताल से बाहर आ जाए। हम शांतिप्रिय लोग हैं और हमारी किसी से कोई दुश्मनी नहीं है।”

लड़की के चाचा ने द टेलीग्राफ को बताया, “हमारी किसी से कोई दुश्मनी नहीं है। मुझे समझ नहीं आ रहा कि उस पर हमला क्यों किया गया।”

एक हफ्ता पहले ही बालासोर में एक 20 वर्षीय कॉलेज छात्रा, जो यौन उत्पीड़न का शिकार हुई थी, ने न्याय न मिलने से निराश होकर खुद को आग लगा ली थी और उसकी मौत हो गई थी।

पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा कि सरकार की निष्क्रियता और अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण मिलने की वजह से ओडिशा महिलाओं के लिए असुरक्षित होता जा रहा है।

सूत्रों के मुताबिक, लड़की अपने घर से लगभग 500 मीटर दूर एक रिश्तेदार के घर जा रही थी, तभी तीन युवक बाइक से उसका पीछा करने लगे। उन्होंने उसे भर्गवी नदी के पास सुनसान जगह पर रोक लिया।

वे उसे पास ही एक जगह घसीट कर ले गए, उसके मुँह पर रुमाल बाँधने की कोशिश की, उस पर ज्वलनशील पदार्थ (संभवत: मिट्टी का तेल) डालकर आग लगा दी। बावजूद इसके लड़की किसी तरह चिल्ला उठी, जिससे डरकर हमलावर भाग गए।

कपड़ों में आग लगी लड़की दौड़ती हुई पास के एक घर पहुँची, जहाँ एक 50 वर्षीय महिला ने आग बुझाई और प्राथमिक उपचार दिया। उस महिला ने बाद में पत्रकारों से कहा, “लड़की ने मुझे बताया कि अपराधी उसे नदी किनारे उठा ले गए थे। आग लगने के बाद वह दर्द से चिल्लाई तो हमलावर भाग निकले। गर्दन से लेकर पैर तक उसकी चमड़ी जल गई थी, लेकिन चेहरा सुरक्षित था।”

पुरी के पुलिस अधीक्षक पिनाक मिश्रा ने कहा, “हमने आरोपियों को पकड़ने के लिए एक विशेष टीम बनाई है।”

पुलिस ने अस्पताल में लड़की का बयान दर्ज किया है। घटनास्थल से दो केरोसिन की बोतलें और एक चांदी की अंगूठी जब्त की गई है।

बीजू जनता दल ने एम्स के सामने प्रदर्शन कर लड़की के लिए न्याय की माँग की।

(द टेलीग्राफ से खबर ली गयी है।)

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