बिहार में आपत्तियां दर्ज कराए जाने के बाद भी चुनाव आयोग नहीं ले रहा उनका संज्ञान, माले ने की शिकायत

नई दिल्ली। सीपीआई (एमएल) ने चुनाव आयोग को एक पत्र लिखकर इस बात की आपत्ति दर्ज की है कि पार्टी के बीएलए द्वारा आपत्ति दर्ज कराये जाने के बावजूद चुनाव आयोग ने अपने बुलेटिन में पार्टी के कॉलम के सामने शून्य आपत्ति लिखी है।

पार्टी ने कहा कि आयोग द्वारा जारी बुलेटिन में यह उल्लेख किया गया है कि एसआईआर प्रक्रिया के अंतर्गत मतदाता सूची से बाहर किए गए बिहार के 65 लाख मतदाताओं के मामले में किसी भी राजनीतिक दल के बीएलए द्वारा कोई आपत्ति दर्ज नहीं की गई है। यह कथन तथ्यात्मक रूप से गलत है।

पार्टी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि पहली बात तो यह कि निर्वाचन आयोग द्वारा आपत्ति दर्ज करने की प्रक्रिया को प्रभावी और पारदर्शी तरीके से स्पष्ट नहीं किया गया। इस कारण हमारी पार्टी अथवा हमारे बीएलए निर्धारित प्रोफार्मा में आपत्ति दर्ज नहीं कर सके। 

हालांकि, विभिन्न स्तरों पर आपत्तियाँ निरंतर की जाती रही हैं, लेकिन आयोग द्वारा यह कहकर उन्हें नजरअंदाज किया जाता रहा कि वे निर्धारित प्रोफार्मा में नहीं हैं।

अब जबकि दिनांक 20 अगस्त, 2025 को पार्टी के अधिकृत बीएलए विश्वकर्मा पासवान (194 – आरा विधानसभा, बूथ संख्या – 100) द्वारा मिंटू पासवान (एपिक नंबर -RGX0701235) तथा मुन्ना पासवान (एपिक नंबर – RGX2861375) के लिए शपथ पत्र सहित फॉर्म-6 स्थानीय बीएलओ को सौंपा गया, जिसकी रिसीविंग कॉपी हमारे पास उपलब्ध है। इसके बावजूद, 21 अगस्त, 2025 को जारी बुलेटिन में हमारी पार्टी के निर्धारित कॉलम में शून्य ही दर्शाया गया है।

आपको बता दें कि ये मिंटू पासवान स्वयं सुप्रीम कोर्ट में हाजिर हुए थे और फिर बिहार के चुनाव कार्यालय में भी उपस्थित हुए, जहां उन्हें आश्वासन दिया गया था कि भोजपुर में उनकी आपत्ति दर्ज कर ली जाएगी। परंतु, अभी तक यह नहीं हो सका है।

माले ने कहा कि यह गंभीर अनियमितता है और इसके कारण लगातार आपत्तियां दर्ज करने के बावजूद भी पार्टी सहित अन्य विपक्षी दलों की गलत छवि प्रस्तुत हो रही है।

इस सिलसिले में पार्टी ने चुनाव आयोग से अपील की है कि वह स्पष्ट करे कि निर्धारित फॉर्म एवं शपथ पत्र जमा करने के बावजूद बीएलए द्वारा की गई आपत्तियाँ -शून्य – क्यों दर्शाई जा रही हैं?

पार्टी ने इस मामले का जल्द से जल्द संज्ञान लेने के बाद इसे दुरुस्त करने की मांग की है।

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