कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन के दौरान एक विवादास्पद ट्वीट को लेकर मानहानि के एक मामले में अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनौत ने माफी मांग ली जिसके बाद पंजाब की एक अदालत ने उन्हें जमानत दे दी।
सोमवार को पंजाब के बठिंडा की अदालत में उनके खिलाफ मानहानि के मुकदमे में वह उपस्थित हुईं और बुजुर्ग महिला किसान से माफी मांगते हुए कहा कि किसान आंदोलन पर उनके 2021 के ट्वीट से हुई “गलतफहमी” को लेकर उन्हें अफसोस है। उन्होंने कहा कि वह हर “माता” का सम्मान करती हैं।
हिमाचल प्रदेश के मंडी से सांसद की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मामले में पेशी के अनुरोध की याचिका ठुकराते हुए सितंबर में अदालत ने खुद पेश होने का निर्देश दिया था, जिसके बाद वह कल अदालत में पेश हुई थीं।
मानहानि का मामला कंगना के एक ट्वीट को अपनी टिप्पणी के साथ रीट्वीट करने से उपजा था। जिस पर 81 वर्षीय महिंदर कौर ने शिकायत दाखिल की थी।
बाद में कंगना ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्होंने किसी व्यक्ति के खिलाफ टिप्पणी नहीं की थी और यह गलतफहमी थी।
यह पूछने पर कि क्या वह मानती हैं कि उनसे गलती हुई? उन्होंने कहा कि ठीक से देखा जाए तो उनकी तरफ से कुछ नहीं किया गया। एक रीट्वीट था जो मीम की तरह इस्तेमाल किया गया था, उनका उससे कुछ लेना देना नहीं था।
सुनवाई के दौरान अदालत में शिकायतकर्ता मौजूद नहीं थीं। अदालत ने उनके पति लाभ सिंह से पूछा तो उन्होंने कहा कि वह अपने स्तर पर फैसला नहीं कर सकते और दूसरों से बात करने के बाद ही बता पाएंगे कि माफी स्वीकार है या नहीं।
मामले में अगली सुनवाई 24 नवंबर को है। इससे पूर्व कंगना ने मामले में व्यक्तिगत पेशी से स्थायी छूट देने को लेकर आवेदन भी परतूत किया जिस पर शिकायतकर्ता के वकील ने ऐतराज जताया।
रनौत इस मामले को समाप्त कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगा चुकी हैं लेकिन अदालत ने उनकी अर्जी खारिज करते हुए कहा था, “याचिककर्ता (कंगना) के खिलाफ ठोस आरोप हैं जो एक सेलिब्रिटी हैं, कि रीट्वीट में गलत और मानहानिकारक आरोप लगाए गए हैं जिनसे प्रतिवादी की छवि को, उनकी अपनी और दूसरों की नजर में भी, नुकसान पहुंचा है इसलिए अपने अधिकार के लिए शिकायत करना दुर्भावनापूर्ण नहीं है।”
बाद में अदालत ने रनौत से यह भी कहा कि यह केवल एक रीट्वीट नहीं था और उन्होंने उसमें अपनी तरफ से “मसाला” जोड़ा था। इसके बाद रनौत ने अपनी अर्जी वापस ले ली थी।