आंगनवाड़ीकर्मियों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर प्रतिबंध, यूनियन ने निंदा की

 

नई दिल्ली सरकार के महिला एवं बाल कल्याण विभाग ने आंगनवाड़ीकर्मियों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया है, जिसकी दिल्ली स्टेट आंगनवाड़ी वर्कर्स एण्ड हेलपर्स यूनियन ने निंदा की है। 

यूनियन की तरफ से जारी बयान के अनुसार विभाग ने विभाग की तरफ से दिए गए स्मार्ट फोन पर फेसबुक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम, ट्विटर जैसे ऐप के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया है, जो कि शर्मनाक है। 

यूनियन ने आरोप लगाया है कि महिला कर्मियों को यूनियन की गतिविधियों और जानकारी तक पहुँच बाधित करने के उद्देश्य से लिया गया यह सोचा समझा कदम है। यूनियन का आरोप है कि यह महिला कर्मियों को यूनियनाइज़ होने से रोकने की कोशिश है।  

आंगनवाड़ी कर्मियों को अपने कार्यों और विभिन्न सर्वे की जानकारी रजिस्टर के साथ ही अनलाइन ऐप पर दर्ज करने के लिए विभाग ने स्मार्ट फोन मुहैया कराए हैं। विडंबना यह है कि इन फोन पर महिलाकर्मियों की पहुँच केवल विभाग् की तरफ से इंस्टाल किए गए ऐप तक ही है और अन्य सारे ऐप ब्लॉक कर दिए गए हैं। 

यूनियन के अनुसार महिला आंगनवाड़ी कर्मियों की सोशल मीडिया पहुँच बाधित करने का मतलब है कि उनके सामाजिक और राजनीतिक स्पेस को बाधित करने के साथ उनके शोषण, उत्पीड़न और अधीनता को सुदृढ़ करने के बड़े षड्यन्त्र का अंग है। इसके अलावा उनके फोन की निगरानी से इन महिलाकर्मियों के निजता के अधिकारों का भी उल्लंघन होता है।    

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