पटना। नवादा जिले के रोह थाना क्षेत्र के भट्टा गांव में 5 दिसंबर को मुस्लिम कपड़ा फेरीवाले मोहम्मद अतहर हुसैन की मॉब लिंचिंग की घटना की निंदा करते हुए भाकपा (माले) ने निंदा करते हुए सोमवार को कहा कि यह बर्बर घटना बिहार में कानून के शासन पर गंभीर सवाल खड़े करती है और यह घटना भाजपा द्वारा बिहार में लगातार बनाए जा रहे सांप्रदायिक माहौल का जीवंत उदाहरण है।
पार्टी के यहाँ जारी बयान के अनुसार गृह मंत्री सम्राट चौधरी के कार्यभार संभालने के बाद राज्य में मॉब हिंसा और बुलडोजर कार्रवाई में बढ़ोतरी हुई है। यदि एनडीए सरकार बिहार में ‘योगी मॉडल’ लागू करने का सपना देख रही है, तो यह बिहार की सामाजिक एकता और लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक है और इसका जोरदार प्रतिरोध किया जाएगा।
इस जघन्य घटना की जांच के लिए भाकपा(माले) और इंसाफ मंच की एक राज्य स्तरीय संयुक्त टीम नवादा का दौरा पर गई हुई है। टीम का नेतृत्व फुलवारी के पूर्व विधायक गोपाल रविदास और अनवर हुसैन कर रहे हैं। टीम में इनके अलावा मुर्तजा अली (पटना महानगर), भोला राम (जिला सचिव, नवादा) और पाल बिहारी लाल (नालंदा) शामिल हैं।
पार्टी के अनुसार मोहम्मद अतहर हुसैन को केवल मुस्लिम होने के संदेह में घेरकर अमानवीय यातनाएँ दी गईं। उन्हें बेरहमी से पीटा गया, गर्म औजार से दागा गया, कान काटे गए, उंगली तोड़ी गई और उनके प्राइवेट पार्ट में पेट्रोल डाला गया। अधमरी हालत में छोड़ दिए जाने के बाद उल्टे उन पर चोरी का झूठा मुकदमा दर्ज किया गया। इलाज के दौरान 12 दिसंबर को उनकी मौत हो गई। पुलिस, जिला प्रशासन और चिकित्सकीय लापरवाही इस मौत के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार है।
पार्टी ने आरोप लगाया है कि घटना के बाद भट्टा गांव और आसपास के इलाकों में भय का माहौल है। गांव में रह रहे 10–15 मुस्लिम परिवार डरे-सहमे हैं और खुलकर बोलने की स्थिति में नहीं हैं। अपराधियों को संरक्षण दिया जा रहा है तथा उनकी पृष्ठभूमि की गंभीर जांच अब तक नहीं हुई है।
इन तमाम तथ्यों और हालात को देखते हुए भाकपा (माले) और इंसाफ मंच ने 16 दिसंबर 2025 को राज्यव्यापी प्रतिवाद का आह्वान किया है, जिसके तहत बिहार के सभी जिलों में धरना, प्रदर्शन और विरोध सभाएँ आयोजित की जाएँगी। पार्टी की मुख्य मांगों में मोहम्मद अतहर हुसैन की हत्या में शामिल सभी दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी कर उन्हें कड़ी सजा दिए जाने, पीड़ित परिवार को सुरक्षा, न्याय और पर्याप्त मुआवजा दिए जाने, झूठे मुकदमों को रद्द कर दोषी पुलिसकर्मियों व अधिकारियों पर कार्रवाई करने बुलडोजर कार्रवाई और भीड़तंत्र पर तत्काल रोक लगाए जाने और गृह मंत्री सम्राट चौधरी द्वारा कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सार्वजनिक रूप से जवाब दिए जाने की मांग शामिल है।
(प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित)