वेतन बढ़ाने की मांग करना अपराध नहीं : गुड़गांव कोर्ट 

गुड़गांव की एक अदालत ने 9 अप्रैल को मानेसर में मजदूर आंदोलन के सिलसिले में गिरफ्तार तीन मजदूरों को जमानत देते हुए कहा कि महंगाई से बढ़ते खर्चे पूरे करने के लिए वेतन बढ़ाने की मांग करना अपराध नहीं है।

इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार अदालत ने श्यामवीर (50), विवेक कुमार उर्फ बंटी (24) और राजकुमार (32) को जमानत देते हुए अपने निर्णय में यह भी कहा कि यह गंभीर और सोचने वाली बात है कि जब यह मजदूर जेल में थे तो इनके परिवार का गुज़ारा कैसे चला होगा।

तीनों को 9 अप्रैल को आईएमटी स्थित ऋचा ग्लोबल एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड में वेतन वृद्धि की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के मामले में गिरफ्तार किया गया था।

अभियोजन पक्ष का आरोप था कि 200 से 250 कर्मचारियों की भीड़ ने कंपनी के प्रबंधकीय स्टाफ और पुलिस पर पथराव किया और वाहनों की तोड़फोड़ की।

अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध किया लेकिन अदालत ने माना कि तीनों के खिलाफ कोई ठोस प्रमाण नहीं है कि उन्हें जेल में रखा जाये। 

अदालत ने टिप्पणी की कि यह गंभीर और सोचने वाली बात है कि वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर कर्मचारियों के प्रदर्शन में शामिल होने को लेकर जेल में रहते उनके परिवार और बच्चे बिना वेतन/पारिश्रमिक के कैसे गुज़ारा करते होंगे।

(जनचौक ब्यूरो)

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