डॉ. मोहम्मद आरिफ

दिवाली का आधुनिक कलेवर मुग़ल काल में ही निर्मित हुआ

दिवाली का जश्न पौराणिक के साथ-साथ भारतीय संस्कृति का प्रतीक है। शास्त्रों में इसे मान्यता भी प्राप्त… Read More

जीते जी किसी के सामने न झुकने वाले मज़रूह को मौत के बाद झुकाने की कोशिश

मजरूह सुल्तानपुरी के गृह जनपद सुल्तानपुर जिसके कुशभवनपुर होंने की चर्चा आम है, में एक पार्क इस… Read More

पुण्यतिथि पर विशेष: बनारस की सियासी तारीख के अहम किरदार थे विशु दा

स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और उत्तर प्रदेश ट्रेड यूनियन के जनक जुझारू वामपंथी नेता कामरेड विशेश्वर मुख़र्जी उर्फ… Read More

मजाज़ः आंसू पोंछकर आंचल को परचम बनाने की बात करने वाला शायर

असरार उल हक ‘मजाज़’ उर्दू  साहित्य के उन महत्वपूर्ण शायरों में से एक हैं, जिनकी नज़्मों में… Read More

गांधी जयंती पर विशेष: बतख मियां न होते तो गांधी युग भी न होता

भारत की आज़ादी के आंदोलन की वैश्विक पहचान के पीछे महात्मा गांधी का महत्वपूर्ण व्यक्तित्व है और… Read More