Wednesday, May 18, 2022

राजू पांडेय

असली पत्रकारों के लिए खड़ा हो गया है अस्तित्व का संकट

प्रेस फ्रीडम इंडेक्स में भारत के निराशाजनक प्रदर्शन और उत्तरोत्तर गिरती स्थिति पर चर्चा और विमर्श जारी है। हाल के दिनों में पत्रकारों के दमन और उत्पीड़न के समाचारों की आवृत्ति भी चिंताजनक रूप से बढ़ी है। पत्रकारों को...

प्रधानमंत्री जी! नफरत और घृणा नहीं लोगों के बीच समन्वय सिखाता है सिख धर्म

विगत दिनों प्रधानमंत्री जी ने लाल किले से श्री गुरु तेग बहादुर जी के 400वें प्रकाश पर्व समारोह के मौके पर देश को संबोधित किया। उनके भाषण में 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस के रूप में मनाने के...

प्रशांत किशोर को लेकर मच रहा शोर और उसकी हकीकत

पिछले कुछ दिनों से प्रशांत किशोर सुर्खियों में हैं। यह चर्चा जोरों पर है कि लगभग 135 वर्षों की अपनी यात्रा में संघर्ष और सत्ता तथा उत्थान एवं पतन का हर रंग देख चुकी कांग्रेस पार्टी को नवजीवन देने...

रामनवमी पर निकली शोभा यात्राओं का दूर-दूर तक नहीं था राम से रिश्ता

रामनवमी पर आयोजित भव्य शोभा यात्राओं ने आनंदित कम चिंतित अधिक किया। इनके विषय में लिखने से पहले गहन आत्मचिंतन करना पड़ा। स्वयं पर नकारात्मक, निन्दाप्रिय और छिद्रान्वेषी होने का आरोप लगाया। मित्रों, शुभचिंतकों और बुद्धिजीवियों के अनेक कथनों...

द कश्मीर फाइल्स: रुकिए! भावनाओं में मत बहिए!

जब समाज में तार्किकता और सहिष्णुता का अभाव होने लगता है तब 'द कश्मीर फाइल्स' जैसी फिल्में बनती भी हैं और कामयाब भी होती हैं। यह देखना आश्चर्यजनक है कि हमारे समाज का एक बड़ा वर्ग यह समझ पाने...

विश्व जल दिवस: भूजल की अनदेखी बहुत मंहगी पड़ेगी

यूएन वाटर द्वारा इस वर्ष विश्व जल दिवस की थीम के रूप में "ग्राउंड वाटर:मेकिंग द इनविजिबल विज़िबल" का चयन किया गया है। भूजल अदृश्य जरूर है किंतु इसके महत्व को जानने वाले इसे भूमि में छिपे खजाने की संज्ञा...

विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस: डिजिटल लेनदेन से खतरे में पड़ी लोगों की गाढ़ी कमाई

15 मार्च को मनाया जाने वाला विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस उपभोक्ताओं के अधिकारों एवं उनकी आवश्यकताओं के विषय में वैश्विक स्तर पर जागरूकता उत्पन्न करने का एक अवसर है। इस वर्ष कंज़्यूमर इंटरनेशनल के 100 देशों में फैले हुए...

महिला दिवस पर विशेष: लैंगिक असमानता का राजनीतिक अर्थशास्त्र

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर पिछले कुछ वर्षों में बाजार की पैनी नजर रही है और इसे बहुत चतुराई से एक बाजार संचालित उत्सव में बदल दिया गया है। इस दिवस के आयोजन के पीछे निहित मूल भावना से एकदम...

नेहरू के भाषणों के आइने में नरेंद्र मोदी की स्पीच

वैसे तो प्रधानमंत्री जी के संसद में दिए गए भाषण भी चुनावी भाषणों की भांति होते हैं और इनमें कटुता तथा व्यक्तिगत आक्षेपों की प्रचुरता होती है किंतु चुनावी भाषणों की जो शैली उन्होंने विकसित की है वह तो...

क्या यह हमारे देश का ही शिक्षा बजट है?

मीडिया वित्त मंत्री द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में बजट में बढोत्तरी को लेकर उनके प्रशस्ति गान में लगा हुआ हो, तब आंकड़ों की दुनिया की अजब-गजब संभावनाओं पर चर्चा करने को जी करता है। आंकड़ों की अलग-अलग प्रकार से...

About Me

97 POSTS
0 COMMENTS

Latest News

ज्ञानवापी में अब मुस्लिम वजू भी करेंगे,नमाज भी पढ़ेंगे और यदि शिवलिंग मिला है तो उसकी सुरक्षा डीएम करेंगे

वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद मामले में उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि ज्ञानवापी में अब मुस्लिम वजू भी करेंगे,नमाज...