समकालीन अंतरराष्ट्रीय राजनीति में भाषा केवल संप्रेषण का माध्यम नहीं रह गई है, बल्कि वह शक्ति-प्रदर्शन, मनोवैज्ञानिक… Read More
शैलेंद्र चौहान
युद्ध कभी अचानक नहीं रुकते—वे ठहरते हैं, सांस लेते हैं, और फिर या तो नए रूप में… Read More
समकालीन विश्व-राजनीति एक ऐसे संक्रमण के दौर से गुजर रही है जहाँ सत्ता के पारंपरिक ढाँचे तेजी… Read More
अमेरिकी इतिहास को अगर एक लंबी निरंतरता में पढ़ा जाए, तो डोनाल्ड ट्रंप का “अमेरिका टेक द… Read More
हाल के घटनाक्रम में चीन द्वारा इज़राइल से तत्काल लेबनान से हटने की मांग की है और… Read More
भारत के पर्यावरणीय आंदोलनों के इतिहास में चिपको आंदोलन एक ऐसा मील का पत्थर है, जिसने न… Read More
साहित्य और सत्ता का संबंध हमेशा जटिल, बहुस्तरीय और कभी-कभी विरोधाभासी रहा है। साहित्यकार, जो मूलतः समाज… Read More
कई मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार एक लगभग 1–1.5 वर्ष के बच्चे (करीम अबू नास्सर) को गाज़ा के… Read More
आज का लोकतंत्र अपने ही निर्मित आदर्शों के भीतर एक गहरे अंतर्विरोध से जूझ रहा है। वह… Read More