भारत–अमेरिकी भू-राजनीतिक संबंधों को समझने की कोशिश केवल कूटनीतिक वक्तव्यों, शिखर सम्मेलनों की तस्वीरों और रक्षा सौदों… Read More
शैलेंद्र चौहान
हिंदी आलोचना के समकालीन परिदृश्य में वीरेंद्र यादव का नाम उन आलोचकों में शामिल है जिन्होंने साहित्य… Read More
इक्कीसवीं सदी की विश्व राजनीति किसी नैतिक प्रगति का संकेत नहीं देती, बल्कि वह मनुष्य के बौद्धिक… Read More
वर्ल्ड ऑर्डर से आशय उस वैश्विक व्यवस्था से है जिसके अंतर्गत दुनिया की राजनीतिक, आर्थिक, सैन्य और… Read More
हिंदी सिनेमा का इतिहास केवल मनोरंजन का इतिहास नहीं है, वह भारतीय समाज की इच्छाओं, कुंठाओं, नैतिकताओं,… Read More
वर्ष के अंतिम दिनों में साहित्यिक संसार में एक विशेष किस्म की प्रायोजित गतिविधि दिखाई देने लगती… Read More
अरावली पर्वत श्रेणी को लेकर हाल के वर्षों में जो सबसे अधिक विवादास्पद और दूरगामी विनाशकारी प्रभाव… Read More
कात्यायनी की कविताओं में स्त्री-अनुभव, सामाजिक यथार्थ और वैचारिक स्पष्टता एक-दूसरे से अलग नहीं, बल्कि गहरे अंतर्संबंध… Read More
सोशल मीडिया ने अभिव्यक्ति का लोकतंत्रीकरण तो किया है, पर इससे पैदा हुई प्रदर्शन-लालसा और मान्यता-लालसा एक… Read More
विश्व राजनीति में दक्षिण अमेरिका का भूगोल लंबे समय तक अपेक्षाकृत शांत और अमेरिकी प्रभाव क्षेत्र के… Read More