Sunday, August 14, 2022

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ मौत-1: क्या ट्राई सर्विस कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी से हेलिकॉप्टर हादसे का सच सामने आ सकेगा?

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देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी मधुलिका रावत सहित 13 लोगों का बुधवार को एक हेलिकॉप्टर दुर्घटना में निधन हो जाने के मामले में पूरे देश में तरह-तरह की आशंकाएं व्याप्त हैं। आम हो या खास सभी को इस हाईप्रोफाईल मामले में किसी साजिश की आशंका लग रही है। पाकिस्तान, चीन, अमेरिका, लिट्टे से लेकर भारत में सक्रिय डिफेंस लॉबी की भूमिका तक पर सवाल उठाये जा रहे हैं। इस बीच भारतीय वायुसेना ने हेलिकॉप्टर हादसे की जांच के लिए एक ट्राई सर्विस कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी का गठन किया है। भारतीय वायु सेना ने शुक्रवार को ‘मृतक की गरिमा का सम्मान’ करने और ‘अनौपचारिक अटकलों’ से बचने के लिए कहा है। लेकिन सत्य यही है कि जब तक सही तथ्य पब्लिक डोमेन में नहीं आयेंगे यह दुर्घटना चर्चा और अटकलों का विषय बनी रहेगी। 

दरअसल देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी मधुलिका रावत और 11 अन्य रक्षा कर्मियों का बुधवार को एक हेलिकॉप्टर दुर्घटना में निधन हो गया। सभी के पार्थिव शरीर गुरुवार शाम तमिलनाडु के सुलूर से दिल्ली लाए गए। अभी तक जनरल रावत, मधुलिका रावत और ब्रिगेडियर लिद्दर के शवों की ही पहचान हो पाई है। इसलिए कल इन तीनों का ही पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। उन्हें 17 तोपों की सलामी दी गई। जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी मधुलिका रावत को उनकी बेटियों कृतिका और तारिणी ने मुखाग्नि दी।

इस दुर्घटना की टाइमिंग के कारण भी इस पर सवाल उठ रहे हैं। रूस के राष्ट्रपति, पुतिन का दौरा ख़त्म होने के तुरंत बाद यह हादसा हुआ। भारत ने अमेरिका के विरोध के बावजूद रूस से 2008 में 1.8 बिलियन डॉलर का रक्षा सौदा किया था जिसके तहत 80 एमआई हेलिकॉप्टर खरीदे गए। भारत ने अमेरिका के विरोध को दरकिनार कर रूस से एडवांस मिसाइल डिफेंस सिस्टम एस-400 भी खरीदा है। चीन और पाकिस्तान से तनातनी के बीच, भारत रूस में बने मिसाइल सुरक्षा तंत्र एस 400 को तैनात करने वाला है। अमेरिका इस सौदे के सख़्त ख़िलाफ़ है। चीन भी खुश नहीं है। सीडीएस रावत ने हाल ही में चीन को भारत का सामरिक दुश्मन नंबर वन करार दिया था। सवाल बहुत सारे हैं, जिनके जवाब देने वाला कोई नहीं है। 

जनरल रावत की मौत की तुलना जनवरी 2020 में ताईवान के सेना प्रमुख जनरल शेन यी मिंग की मौत से भी की गई। जनरल मिंग अपने 13 साथियों के साथ हेलिकॉप्टर दुर्घटना में मारे गए थे। उनकी मौत के समय भी हादसे के पीछे चीन के होने का सवाल उठा था। काफी कुछ ऐसी ही परिस्थितियां थीं। रक्षा विश्लेषक ब्रह्मा चेलानी ने एक ट्वीट में कहा है कि जनरल रावत की मौत और 2020 में हेलिकॉप्टर हादसे में कई समानताएं हैं। इस क्रैश में ताईवान के सेना प्रमुख जनरल शेन यी मिंग और सात अन्य जनरलों की मौत हो गई थी। इन दोनों ही हेलिकॉप्टर हादसों में चीन के आक्रामक रवैये का विरोध कर रहे अहम लोगों की मौत हो गई।

सीडीएस जनरल बिपिन रावत और अन्य को लेकर जा रहे एयर फोर्स के हेलिकॉप्टर के हादसे का शिकार होने के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या सीडीएस की उड़ान से पहले एयर फोर्स ने फ्लाइट रूट की रेकी की थी? इसे लेकर विरोधाभासी बातें सामने आ रही हैं। सीडीएस रावत ने बुधवार को सुलूर एयरबेस से वेलिंगटन के लिए एयर फोर्स के Mi-17v5 हेलिकॉप्टर से उड़ान भरी थी। हेलिकॉप्टर कुन्नूर के नंजप्पाचतिरम में हादसे का शिकार हो गया जिसमें सीडीएस रावत समेत हेलिकॉप्टर में सवार 14 लोगों में से 13 की मौत हो गई। हेलिकॉप्टर को उड़ा रहे एयर फोर्स के ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं।

सुलूर एयरबेस से जुड़े एक अधिकारी के मुताबिक, प्रोटोकॉल के तहत एयर फोर्स के दो छोटे हेलिकॉप्टरों को नीलगिरी में मौसम की स्थितियों का जायजा लेने के लिए उस रूट पर भेजा गया था, जिससे होकर सीडीएस को उड़ान भरनी थी। दूसरी तरफ, वेलिंगटन स्थित मद्रास रेजिमेंटल सेंटर के एक सीनियर अधिकारी कुछ अलग ही बता रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘चूंकि Mi-17v5 एक विश्वसनीय हेलिकॉप्टर है लिहाजा छोटे हेलिकॉप्टरों से कोई ट्रायल किया ही नहीं गया था”।

Mi-17 सीरीज के एडवांस हेलिकॉप्टर पहले भी क्रैश होते रहे हैं। पिछले महीने ही अजरबैजान का Mi-17 मिलिट्री हेलिकॉप्टर क्रैश हुआ और 14 लोग मारे गए। साल 2019 में इंडोनेशिया का एक Mi-17 हेलिकॉप्टर हादसे का शिकार हो गया था जिसमें चार सैनिकों की मौत हो गई थी और पांच घायल हो गए थे। भारत में 2010 से अब तक 8 Mi-17 हेलिकॉप्टर हादसे का शिकार हो चुके हैं। इन Mi-17 हादसों में (कन्नूर हादसे को छोड़कर) 42 लोगों की मौत हो चुकी है।

फरवरी 2019 में बडगाम से उड़ा Mi-17 दस मिनट बाद ही क्रैश हो गया था। बाद में पता चला कि इसे भारत के ही एरियल डिफेंस सिस्टम ने मार गिराया था। इसमें सवार सभी 6 सैनिक मारे गए थे। इससे पहले 3 अप्रैल 2018 को केदरानाथ में लैंडिंग के वक्त Mi-17 क्रैश हो गया था। हेलिकॉप्टर में सवार सभी छह लोग सुरक्षित थे।

6 अक्तूबर 2017 को अरुणाचल के तवांग में ऊंचाई पर हुए Mi-17 हादसे में 7 भारतीय सैनिक मारे गए थे। वहीं 25 जून 2013 को केदारनाथ में आई बाढ़ के दौरान बचाव अभियान का हिस्सा रहा Mi-17 क्रैश हो गया था। इस हादसे में 8 लोग मारे गए थे।

30 अगस्त 2012 को गुजरात के सेमांत गांव में दो Mi-17 हेलिकॉप्टर आपस में टकरा गए थे। इस हादसे में 9 लोगों की मौत हुई थी। वहीं 19 नवंबर 2010 को तवांग में भारतीय वायुसेना का Mi-17 क्रैश हुआ था, इसमें भी सभी 12 लोगों की मौत हो गई थी।

पूर्व ब्रिगेडियर सुधीर सावंत ने अंदेशा जताया है कि यह हादसा नहीं बल्कि साजिश हो सकता है। वायुसेना के जिस एमआई-17वी5 हेलिकॉप्टर में बिपिन रावत समेत सभी अन्य लोग सवार थे वो चॉपर कुन्नूर के काटेरी इलाके में क्रैश हो गया। यह इलाका दुर्गम होने के साथ-साथ घने पेड़ों से भी घिरा हुआ है। ‘ABP न्यूज’ के मुताबिक पूर्व ब्रिगेडियर का कहना है कि यह इलाका लिट्टे का है। इस हादसे के पीछे लिट्टे के स्लीपर सेल का हाथ हो सकता है। पूर्व ब्रिगेडियर सुधीर सांवत ने घटना की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए)से कराने की मांग की है।

राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने कहा कि जनरल रावत ने हाल के दिनों में चीन और पाकिस्तान के खिलाफ देश की सेना की तैयारियों को तेज करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि इसलिए, जब ऐसी दुर्घटना होती है, तो यह लोगों के मन में संदेह पैदा करता है। यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। देश के सर्वोच्च सेनापति सबसे अत्याधुनिक और सुरक्षित हेलिकॉप्टर में यात्रा करते हैं और हादसे में उनकी मृत्यु हो जाती है। लोगों के मन में शंकाएं हैं, क्या हुआ है, ये कैसे हो सकता है? मुझे यकीन है सरकार भी इस सदमे से बाहर नहीं आई होगी।

सांसद सुब्रमण्यम स्वामी को इस हादसे को लेकर शक है। उन्होंने जांच पर सवाल उठाते हुए कहा है कि मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के जज से करानी चाहिए। तभी सच सामने आ सकेगा।

(जेपी सिंह वरिष्ठ पत्रकार हैं और आजकल इलाहाबाद में रहते हैं।)

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