‘लाल बहादुर वर्मा : इतिहास निर्माता इतिहासकार’ अपने प्रिय इतिहासकार को याद करने वाली संस्मरणों से भरी… Read More
संस्कृति-समाज
आजकल सोशल मीडिया पर ऐसे रिश्तों के समाचारों की संख्या में वृद्धि हो रही है जो एक… Read More
पूंजीवाद ने ‘बेचो और खरीदो’ के सिद्धांत में दुनिया को बदल दिया है। इसने मनुष्य को नागरिक… Read More
बस्ती (यूपी)। करीब 5000 लोगों को घेर कर मार दिया गया था और महुआ डाबर नाम के… Read More
इंदौर। धर्म में ग़लती बताने पर फ़तवा दे दिया जाता है, सिर भी क़लम किया जा सकता है,… Read More
वर्गों में समाज-विभाजन से अस्तित्व में आये ‘सभ्यता’ के इतिहास के हर युग में ‘ज्ञान’ सामाजिक वर्चस्व… Read More
“नादब्रह्म” मात्र एक दर्शन नहीं, एक जीवन पद्धति है। भारतीय परंपरा में ध्वनि को ही ब्रह्म माना… Read More
आत्मकथा के जरिये शिक्षक एस.पी. बंसल ने अपने जीवन के साथ-साथ शिक्षा को लेकर समाज के दृष्टिकोण,… Read More
आज सुबह जब मैं सैर कर रहा था, तब मैंने देखा कि एक आदमी गुलेलनुमा अस्त्र से… Read More
नई दिल्ली। हिन्दी कविता की युवतम पीढ़ी में पार्वती तिर्की का स्वर अलग से पहचाना जा सकता… Read More